Crude Oil Price: बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी आई। पिछले सेशन में कीमतें सात हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं, लेकिन अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर नए हमले करने के बाद उनमें सुधार हुआ। अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में भारी गिरावट ने भी तेल की कीमतों को सहारा दिया।

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ब्रेंट फ्यूचर्स 0.42% बढ़कर 91.83 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.36% बढ़कर 88.52 डॉलर प्रति बैरल हो गया। मंगलवार को ब्रेंट तेल की कीमतें 17 अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर पर बंद हुई थीं, जबकि WTI 29 मई के बाद के सबसे कमजोर स्तर पर बंद हुआ था।

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ईरान ने जवाबी हमले की खाई कसम!

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास रात में अमेरिकी अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर हवाई हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए इस्लामिक रिपब्लिक (ईरान) को जिम्मेदार ठहराया। तेहरान ने जवाब देने की कसम खाई है, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच बनी नाजुक युद्धविराम संधि के टूटने का खतरा पैदा हो गया है।

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साथ ही, तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ज्यादातर शिपिंग को रोकना जारी रखा है, जहां से आम तौर पर दुनिया का पांचवां हिस्सा कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) गुजरता है। वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी लागू कर दी है।

US में कच्चे तेल का स्टॉक

रॉयटर्स ने मार्केट सूत्रों और अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि पिछले हफ्ते लगातार आठवें हफ़्ते US में कच्चे तेल का स्टॉक कम हुआ, जबकि गैसोलीन का स्टॉक भी घटा। रिपोर्ट के मुताबिक, 5 जून को खत्म हुए हफ्ते में कच्चे तेल का स्टॉक 9.12 मिलियन बैरल कम हुआ, जबकि गैसोलीन का स्टॉक 1.19 मिलियन बैरल घटा। US में स्टॉक कम होने से एक्सपोर्ट पर असर पड़ सकता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।