US Heat Wave Alert: भारत में गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है। कुछ शहरों में पारा 50 डिग्री के भी आगे पहुंच चुका है।
इस गर्मी ने भारत में कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। फ्रेंच नेशनल सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च के अनुसार भारत में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है और इसका कोई समाधान भी अभी नजर नहीं आया है, लेकिन क्या आपको पता है कि सिर्फ भारत में ही प्रचंड गर्मी के कारण हाल नहीं बेहाल हुआ है बल्कि रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने अमेरिका, ईरान और कई अन्य देशों को भी झुलसा कर रख दिया है।
गर्मी के कारण हाल कैसा यह आप इस बात से भी समझ सकते हैं कि राष्ट्रपति पद के संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की एक रैली में दर्जनों लोग बीमार पड़ गए।
अमेरिका में हीटवेव ने तोड़ा रिकॉर्ड
अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम में गुरुवार को हीटवेव ने तो सारी हदे ही पार कर दी है। आपको बता दें कि यहां पर भी कई सालों के रिकॉर्ड तक टूट गए। कुछ क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया है। मौसम विभाग ने तो ये जानकारी भी दे दी है कि अमेरिका के लगभग 86 मिलियन लोगों को आने वाले दिनों में 40 डिग्री या उससे अधिक तापमान का सामना करना पड़ेगा, जबकि दक्षिण-पश्चिमी राज्यों में कम से कम 14 मिलियन लोगों को 43 डिग्री या उससे अधिक तापमान का सामना करना पड़ सकता है।
कैलिफोर्निया के कई इलाके ग्रेट बेसिन, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण टेक्सास के कुछ हिस्सों में खतरनाक रूप से गर्म स्थिति अपने चरम पर हो सकती है। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने भी चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह भी अत्यधिक गर्मी बढ़ने की संभावना है।
इतने सालों का टूटा रिकॉर्ड
आपको बता दें कि कल फीनिक्स में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा है जिसने 2016 में 44 डिग्री के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
वहीं, लास वेगास में 2010 में 43 डिग्री पहुंचा था और कुछ दिनों पहले ही यहां तापमान 44 डिग्री पार कर गया।
वेगासएरिज़ोना, कैलिफ़ोर्निया और नेवादा के अन्य क्षेत्रों ने भी कुछ डिग्री के रिकॉर्ड तोड़े। इन जगहों पर भी गर्मी सामान्य से कई हफ्ते पहले आ गई है, यहां तक कि उत्तर की ओर अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भी गर्मी का प्रकोप लोगों को झेलना पड़ रहा है।
इसमें रेनो, नेवादा भी शामिल है, जहां वर्ष के इस समय के लिए सामान्य अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहता है, लेकिन गुरुवार को रिकॉर्ड 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
ज्यादा गर्मी के कारण हो रही है मौतें
एनडब्ल्यूएस के अनुसार, अत्यधिक गर्मी किसी भी अन्य मौसम संबंधी घटना की तुलना में अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार है ।
पिछले हफ़्ते सी.डी.सी. डेटा के एपी रिसर्च में पाया गया कि 2023 में 2,300 से ज़्यादा अमेरिकी मृत्यु प्रमाणपत्रों में अत्यधिक गर्मी का उल्लेख किया गया है। जैसे - जैसे नए तापमान रिकॉर्ड बन रहे हैं, चिंता है कि 2024 में अमेरिका में गर्मी से संबंधित मौतें और भी ज़्यादा हो सकती हैं।
क्या है इतनी अधिक गर्मी पड़ने के पीछे का कारण?
मौसम विभाग के मुताबिक भीषण गर्मी उच्च दबाव के ऊपरी स्तर के उभार का परिणाम है, जो आमतौर पर अपने साथ गर्म तापमान लाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की लहरें अधिक तीव्र और अधिक समय तक चलने वाली हैं।
ईरान में भी गर्मी ने मचाया त्राहिमाम
ईरान में 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास गर्मी लोग बर्दाश्त कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगर 66 डिग्री सेल्सियस का हीट इंडेक्स होता है, तो इतना अधिक तापमान इंसानी शरीर बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। ईरान में सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की गई थी ताकि गर्मी में लोगों को बाहर न निकलना पड़े।
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