आज रात सबकी नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) पर टिकी हैं। बुधवार, 29 जुलाई को भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे पॉलिसी का फैसला आने वाला है। फेड के रुख में जरा सा भी बदलाव अमेरिकी डॉलर, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की चाल बदल सकता है। इन तीनों का असर अक्सर भारतीय आईटी, बैंकिंग, मेटल, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और गोल्ड प्रॉक्सी शेयरों में इंट्राडे हलचल के रूप में दिखता है। पॉलिसी के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी।

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दलाल स्ट्रीट के लिए यह फैसला इतना अहम क्यों है, इसकी वजह बहुत सीधी है। फेड की गाइडेंस से फंडिंग की लागत, डिस्काउंट रेट और करेंसी का माहौल तय होता है, जिसका सीधा असर एक्सपोर्टर्स की कमाई पर पड़ता है। इसके अलावा, यह बैंकों के ट्रेजरी मुनाफे और कमोडिटी मार्केट के रिस्क को भी प्रभावित करता है। यही वजह है कि ट्रेडर्स रात 11:30 बजे आने वाले स्टेटमेंट और फिर आधी रात के करीब फेड चेयरमैन की टिप्पणियों पर पैनी नजर रखते हैं, क्योंकि इसी दौरान उतार-चढ़ाव (volatility) सबसे ज्यादा होता है।

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फेड का फैसला आज रात: USD/INR, अमेरिकी यील्ड और क्रूड के लिए क्या हैं संकेत?

स्थितिUSD/INR के लिए स्तरअमेरिकी 10-वर्षीय यील्डकिन सेक्टरों पर रहेगी नजरऑप्शंस ट्रेडिंग की रणनीति
ब्याज दरें स्थिर, नरम रुखफैसले से पहले के निचले स्तर पर नजर रखें; गिरावट जारी रहने पर एक्सपोर्टर्स को फायदाफेड के फैसले से पहले वाले दायरे में रहेगी; उछाल पर बिकवाली करेंलार्ज-कैप आईटी शेयरों में 'बाय-ऑन-डिप्स'; प्राइवेट बैंक एक दायरे में रहेंगेबैंक इंडेक्स में 'लॉन्ग स्ट्रैंगल'; ट्रेलिंग स्टॉप लॉस का इस्तेमाल करें
0.25% की बढ़ोतरी, सख्त रुखफैसले से पहले के ऊपरी स्तर पर नजर रखें; वहां टिके रहने पर दबाव बढ़ सकता हैदायरा तोड़कर ऊपर जा सकती है; मोमेंटम का ध्यान रखेंआईटी शेयरों में तेजी कम करें; बैंकों और मेटल्स में कमजोरी पर नजर रखेंडेबिट पुट स्प्रेड्स; USD/INR कॉल्स के जरिए हेजिंग करें

रात 11:30 बजे के फैसले के लिए ऑप्शंस ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी

इवेंट से पहले अपनी पोजीशन का साइज कम रखें और बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार करें। निफ्टी बैंक के वीकली ऑप्शंस में 'लॉन्ग स्ट्रैडल' या 'वाइडर स्ट्रैंगल' बनाने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन प्रीमियम घटने पर स्टॉप लॉस और आंशिक मुनाफावसूली के नियमों का पालन जरूर करें। आईटी एक्सपोर्टर्स के साथ डॉलर-रुपया (USD/INR) ऑप्शंस के जरिए करेंसी हेजिंग का तालमेल बिठाएं। मेटल शेयरों में गिरावट से बचने के लिए 'प्रोटेक्टिव पुट्स' का इस्तेमाल किया जा सकता है। एनएसई (NSE) पर प्रोडक्ट स्पेसिफिकेशन और एक्सपायरी जरूर चेक कर लें।

देर रात 12:30–1:00 बजे क्या देखें और अगले दिन की तैयारी

फेड चेयरमैन के बयान के बाद बाजार के पुराने स्तरों (pre-Fed levels) को फिर से आधार बनाएं। अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड, डॉलर इंडेक्स और USD/INR की तुलना इन स्तरों से करें। अगर फेड लंबे समय तक सख्त पॉलिसी के संकेत देता है, तो गुरुवार को भी उसी ट्रेंड के साथ चलें; वरना पुराने दायरे के पास आने वाले उतार-चढ़ाव से बचें। स्टॉप लॉस को सेशन के हाई/लो या एवरेज ट्रू रेंज (ATR) के पास रखें। अगर मार्केट में लिक्विडिटी कम लगे, तो रिस्क घटा दें।

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ऐसे बड़े इवेंट्स वाली रातों में तैयारी काम आती है, भविष्यवाणी नहीं। ऊपर दी गई टेबल को इंट्राडे आइडिया के तौर पर देखें, निवेश की सलाह के रूप में नहीं। बाजार में आने वाले गैप्स का ध्यान रखें, बिना ठोस वजह के स्टॉप लॉस न बढ़ाएं और घाटे वाली पोजीशन में एवरेजिंग करने से बचें। ये आंकड़े केवल संदर्भ के लिए हैं और खबरों के साथ बदल सकते हैं। डेरिवेटिव्स और करेंसी प्रोडक्ट्स में भारी जोखिम होता है। यह लेख केवल जानकारी के लिए है; कृपया किसी रजिस्टर्ड सलाहकार से संपर्क करें। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।