Upcoming IPO 25 November: आईपीओ बाजार में एक और कंपनी पब्लिक इश्यू लॉन्च करने की तैयारी में है. सोलर पावर जेनरेशन के कारोबार से जुड़ी कंपनी राजेश पावर सर्विसेज ने आईपीओ को लेकर जरूरी अपडेट जारी किए हैं. रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ 25 नवंबर को खुल जाएगा. इसके लिए प्राइस बैंड भी फिक्स किया है. बता दें कि आईपीओ के जरिए राजेश पावर जेनरेशन 160 करोड़ रुपए जुटाने के लिए लॉन्च कर रही. आईपीओ के बाद शेयरों की लिस्टिंग होगी.

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SME बोर्ड पर खुलने वाला नवंबर महीना का यह छठा आईपीओ है. इसके लिए प्राइस बैंड 320-335 रुपए प्रति शेयर फिक्स किया गया है. संस्थागत निवेशकों के लिए आईपीओ 22 नवंबर को ही खुल जाएगा. इसके बाद 25 नवंबर से रिटेल निवेशक आईपीओ में बोली लगा सकते हैं. पब्लिक इश्यू में बोली लगाने की आखिरी तारीख 27 नवंबर है.

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ओएफएस में होगी हिस्सा बिक्री

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP के मुताबिक आईपीओ में 27.9 लाख इक्विटी शेयरों तक का फ्रेश इश्यू होगा. इसके अलावा ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस में मौजूदा निवेशक और प्रोमोटर्स भी हिस्सा बिक्री करेंगे. इसमें प्रोमोटर्स पांचाल और पटेल फैमिली की ओर से 20 लाख शेयरों की बिक्री होगी, 67 लाख करोड़ रुपए का होगा.

सोलर पावर जनरेशन के आईपीओ में कैटेगरी के लिहाज से शेयरों को रिजर्व रखा जाएगा. इसके तहत कंपनी ने नेट ऑफर साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स यानी QIBs के लिए रिजर्व रखा है. इसके अलावा 15 फीसदी शेयर नॉन-क्वालिफाइड इन्वेस्टर्स यानी NIIs के लिए और अन्य हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा है.

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आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए शर्तें

राजेश पावर सर्विजेस आईपीओ में रिटेल निवेशक अपर प्राइस बैंड पर मिनिमम 400 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं. रिटेल निवेशकों को आईपीओ में कम से कम 1.34 लाख रुपए का इनवेस्टमेंट करना होग. अधिकतम निवेशक की रकम 2 लाख रुपए से ज्यादा नहीं हो सकती.

राजेश पावर सर्विसेज का कारोबार

राजेश पावर सर्विसेज, पावर यूटिलिटी कंपनियों के लिए सर्विस मुहैया कराती है. इसमें टर्नकी प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्युशन, ऑपरेशंस और मेंटेनेंस समेत कंसल्टेंसी सर्विसेज शामिल हैं. कंपनी के पास मार्च 2024 तक कुल 2358.2 करोड़ रुपए का ऑर्डरबुक रहा. इन ऑर्डर्स को अगले 3 साल में पूरा करना है.

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मार्च 2024 को खत्म साल में 26.02 करोड़ रुपए का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट रहा. यह पिछले साल केवल 6.75 करोड़ रुपए ही था. आय भी सालाना आधार पर 27.7 करोड़ रुपए से बढ़कर 313.06 करोड़ रुपए पर पहुंच गया.

कंपनी आईपीओ से जुटाई कुल रकम में से 30 करोड़ रुपए का इस्तेमाल अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी. करीब 25.1 करोड़ रुपए का खर्च केबल आइडेंटिफिकेशन, टेस्टिंग और फॉल्ट लोकेशन इक्विपमेंट की खरीद के लिए करेगी.