UP's sugarcane farmers will now get more loan: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना किसानों को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। इसके तहत नाबार्ड योजना के तहत गन्ना किसानों की कर्ज सीमा को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है। यह कर्ज सीमा प्रति सदस्य होगी। इससे लाखों गन्ना किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।

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कर्ज सीमा बढ़ाने के फैसले की जानकारी उत्तर प्रदेश के उपर मुख्य सचिव गन्ना एवं चीनी संजय भूसरेड्डी ने दी है। उनके अनुसार इससे गन्ना किसान नई तकनीक को अपनाने में तेजी लाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह निर्णल लिया गया है।

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इसके अलावा राज्य सरकार ने गन्ना किसानों को एक और राहत दी है। इसके अनुसार अग गन्ना किसानों को कर्ज देने के लिए इसकी सीमा निर्धारण के लिए कई मानकों में से 3 में छूट भी दी गई है। इसको लेकर मानकों में संशोधन कर दिया है।

इन मानकों में प्रति एकड़ कर्ज लेने की सीमा को 8000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं ऐसी समिति के सदस्यों की तरफ से समिति में जमा अंशदान राशि को 80 गुना से बढ़ाकर 100 गुना तक कर दिया गया है।

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इसके अलावा सदस्यों के गन्ने के बेसिक कोटे को 75 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया गया है। वहीं अधिकतम कर्ज की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति सदस्य कर दिया गया है।

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जानकारी के अनुसार इन तीन मानकों के आधार पर अब जिला सहकारी बैंक यह कर्ज अधिकतम 3 साल के लिए जारी कर सकेंगे। माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से गन्ना किसान आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बन सकेंगे।

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इसके अलावा यूपी की योगी सरकार ने राज्य की गोपालक योजना के तहत 9 लाख रुपये तक का कर्ज देती है। कुछ शर्त के साथ कोई भी व्यक्ति इस स्कीम का फायदा उठा सकता है। इसके लिए न्यूनतम पशुओं की संख्या 5 होना जरूरी है।