UP : बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे में इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग व लॉजिस्टिक क्लस्टर को विकसित किए जायेगा। सरकार के द्वारा जीआईसी में करार करने वालें उद्यमियों को उद्यम के साथ गोदामों की भूमि को उपलब्ध कराने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जौनपुर, बाराबंकी, गाजीपुर और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर गोरखपुर में 100-100 एकड़ जमीन को चिन्हित की है।

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इसी तरह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर जालीन व बांद्रा पर 100-100 हेक्टेयर भूमि को चिन्हित किया गया है। वही, अगर हम बात करें, तो फिर जीआईसी में 33.50 लाख करोड़ रु के करार हुए है। इसमें अगर पूर्वांचल की बात करते हैं, तो फिर यह 5406 निवेशकों ने 9,54,492.08 करोड़ के करार दिए है।

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वही, अगर हम बुंदेलखंड की बात करते है, तो फिर यह 4,27,873 करोड़ के करार किए है। बुंदेलखंड में यह करार बुंदेलखंड में 424 निवेशकों ने किया है। जो निवेशक है। इनको उद्यम को स्थापित करने और तैयार हुए सामान को रखने के लिए सबसे बड़ी जरूरत भूमि की है।

सरकार ने इन जरूरतों को पूरा करने के लिए बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे में क्लस्टर को विकसित करने की कवायत शुरू कर दी है। 6 जिलों में कुल 600 हेक्टेयर भूमि खरीदा जायेगा और अधिगृहीत किया जायेगा। अगर जरूरत पड़ती है, तो फिर इसकी खरीद में इजाफा भी हो सकता है।

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पहले चरण में जमीन को खरीदने की प्रक्रिया के लिए दो सौ करोड़ रु की राशि का बजट को जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि सरकार की तरफ से अपनी 25 सेक्टरोल पॉलिसी में निवेशकों को बुंदेलखंड व पूर्वाचल में इन्वेस्ट करने पर खास तौर पर रियायत देने की व्यवस्था भी की है।

क्लस्टर में गोदाम के लिए, उद्यम स्थापित करने के लिए और बड़ी कंपनियों को दफ्तर खोलने के लिए भूमि उपलब्ध होगी। यह जो पहल है। इससे दोनों क्षेत्र में औद्योगिक विकास में सहायता मिलेगी।

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इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नोडल अधिकारी केके अस्थाना की तरफ से बताया गया है कि यह क्लस्टर एक्सप्रेसवे से 10 किमी की परिधि में आबादी के पास होंगे ताकि उद्यम के आस पास के जो मानव संसाधन का उपयोग हो। अगर रोजगार मिलेगा तो फिर गावों से शिक्षित बेरोजगार युवाओं का पलायन रुकेगा।