Global Investors Summit में आए निवेश प्रस्तावों के हिसाब से इस वर्ष सबसे अधिक धरातल पर उतरने वाला निवेश गौतमबुद्धनगर में दिखेगा। इसके बाद निवेश सीधे सोनभद्र में होगा। वही, तीसरे नंबर पर लखनऊ है और चौथे नंबर पर कानपुर है।

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मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार इसी वर्ष अक्टूबर के महीने में निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास कराने जा रही है। फिलहाल इसके लिए 4 लाख 25 हजार 153 करोड़ रु की 2363 परियोजनाओं को छांट लिया गया है। यह सभी 75 जिलों में लगनी हैं।

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निवेश कराने वाली टीम ने अब ने अब ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए 21 हजार 474 निवेश प्रस्तावों में 3266 निवेशकों से संपर्क किया है और उनसे पूछा है कि उनसे अगर आपको भूमि या फिर एनओसी आदि को कोई परेशानी है, तो फिर उसको अवगत कराया जाए।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जमीन पर उतरने वाली जो निवेश परियोजनाएं है। इन परियोजनाओं को तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाएं।अब मुख्य सचिव ने इसकी समीक्षा की है। इसकी समीक्षा कर जिलाधिकारियों को जिम्मा दिया है कि जमीन मांगने वाले निवेशकों को जमीन मुहैया कराएं।

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यह बहुत जल्द साफ हो जाएगा कि कितनी परियोजनाएं है। जो शिलान्यास के लिए तैयार हो चुकी है। इसका शिलान्यास होगा इसके साथ ही संबंधित प्रोजेक्ट के लिए फैक्ट्री को बनाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही औसतन 1 वर्ष से 3 वर्ष के भीतर इन परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो जाएगा।

वही, अगर हम इस वर्ष जिन परियोजनाओं का काम शुरू हो जायेगा। उस परियोजनाओं की बात करें, तो फिर इसमें लखनऊ में शुरू होने वाली वेयरहाउस, लाजिस्टिक पार्क, टेक्सटाइल उद्योग परियोजनाएं हैं और गौतमबुद्धनगर में इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद, मेडिकल डिवाइस परियोजनाएं है इसके साथ ही सोनभद्र में नवीकरण ऊर्जा व ऊर्जा की परियोजनाएं शामिल है।

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