UP Govt : मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को एक और सौगात दी है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों को अपनी उपज को सीधी मिलों को बेचने का रास्ता साफ कर दिया है। अब मिले राज्य के किसानों से उनकी उपज सीधे खरीद सकेंगी और उस पर लगने वाला मंडी शुल्क भी उनको नहीं देना होगा।

Advertisement

गुरुवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने यूपी कृषि उत्पान मंडी अधिनियम-1964 को मंजूरी दे दी है। इतना ही नहीं इसके साथ ही एक लाइसेंस पर मिल मालिकों को पूरे प्रदेश में बिजनेस करने की सुविधा भी प्रदान कर दी है। पहले एक जिले के लिए एक लाइसेंस होता था उसको अलग अलग लेना होता था।

Advertisement

खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को अगर सीधे किसानों से उपज लेना है तो फिर मंडी शुल्क देना होता था। इस वजह से किसान अपनी उपज को सीधे मिलों में नहीं बेच पाते थे। मिलों को सीधे उपज लेना है, तो फिर मिलों को उपज लेने के एवज में मंडी शुल्क देना होता था।

अगर हम शुल्क की बात करें, तो फिर यह एक एक कुंतल पर यह लगभग 1.5 प्रतिशत तक होता था यानी 30 रु होता था। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली योगी सरकार के द्वारा उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी (संशोधन) अध्यादेश को कैबिनेट से मंजूरी दिलाते हुए राज्यपाल को भेजा था, जिसको राज्यपाल से मंजूरी मिल गई है।

Advertisement

इससे किसानों को लाभ होगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।राज्य के बाहर से प्रसंस्करण के लिए लाए गए कृषि उत्पाद पर मंडी शुल्क विकास उपकर में छूट होगी।

Mahila Samman Savings Certificate:आज से शुरू हुई स्कीम, जानें कितना होगा फायदा | GoodReturns

राज्य के बाहर से लाएं गए कृषि उत्पाद को प्रसंकरण इकाइयों के द्वारा सीधे खरीदा जाएगा। इसके लिए प्रतिबंध यह है कि जो खाद्य प्रसंस्करण इकाइया है। इन इकाइयों को राज्य के किसानों से उनकी उपज को सीधे क्रय करना होगा।

Advertisement