UP Govt : उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में काफी तेजी से इजाफा हो रहा है। इस वजह से आने वाले दिनों में बिजली की मांग में और इजाफा हो सकता है। इतनी बड़ी संख्या में नए कनेक्शन बढ़ने की स्थिति में निर्बाध बिजली को उपलब्ध कराने के लिए पावर कारपोरेशन ने 33/11 केवी क्षमता के 593 नए बिजली उपकेंद्र बनाने की तैयारी की है।

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इन बिजली उपकेंद्र के बन जाने से 2 किलोवाट भार वाले लगभग 85.40 लाख परिवारों को नए कनेक्शन दिए जा सकेंगे।

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पावर कारपोरेशन ने बिजली की व्यवस्था को काफी बेहतर करते हुए हर क्षेत्र में बिजली मुहैया कराने के लिए आधुनिकीकरण प्लान को तैयार करके भारत सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेज दिया है। जिससे तहत 33/12 केवी के 593 नए बिजली उपकेंद्र 76,000 नए ट्रांसफार्मर के साथ दूसरे कई सारे काम भी होंगे।

अभी राज्य में कुल बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 3 करोड़ 26 लाख है। उपभोक्ताओं की संख्या आने वाले 2 वर्ष से 3 वर्ष के भीतर ही 5 करोड़ पार होने की संभावना है।

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18 हजार 916 करोड़ रु का प्रस्ताव को आधुनिकीकरण प्लान के तहत भारत सरकार को भेजा गया है। केन्द्र सरकार की रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार अनुदान के तौर कर देगी बाकी जो शेष राशि होगी इस राशि को राज्य सरकार और बिजली कंपनियां लगाएंगी।

33/11 केवी के एक उपकेंद्र से दस एमवीए के 2 ट्रांसफार्मर से 4 ट्रांसफार्मर जोड़े जाते हैं। इंजीनियरों के अनुसार, एक 10 एमवीए ट्रांसफार्मर से लगभग 9,000 किलोवाट के लोड को नियंत्रित किया जा सकता है।

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जो कुल क्षमता होती है उसका 80 प्रतिष्ठा भार क्षमता का ही कनेक्शन दिया जा सकता है। 2 किलो वाट का बिजली कनेक्शन 14400 परिवारों को एक उपक्रम से दिया जा सकता है। मौजूदा वक्त में राज्य में 4485 से ज्यादा 33/11 केवी के उपकेंद्र बिजली वितरण में कार्यरत हैं।