UP Govt : हाल ही में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उत्तरप्रदेश में सभी सरकारी स्कूल में निपुण असेसमेंट टेस्ट के अपने पहले सेशन का समापन किया गया। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों मैं कक्षा 1 से लेकर कक्षा 3 तक के छात्रों के बीच बुनियादी संख्यात्मक कौशल का आकलन किया गया इसके साथ ही पढ़ने के कौशल को बढ़ाने का आकलन किया गया। प्रदेश में निपुण स्कूल बनाने के लिए यूपी के हर जिले में निपुण सेंटर बनाया जाएगा, प्रदेश सरकार के द्वारा राज्य के 44,000 हजार प्राइमरी स्कूलों को निपुण स्कूल का दर्जा दिया जाएगा, तो आइए जानते हैं इसके बारे में।

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सरकार एनएटी को लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रही है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत योजना के तहत सीखने के तरीकों में सुधार के लिए एनएटी को लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पहली बार साल 2022 के अक्टूबर और दिसंबर महीने के बीच कोरोना महामारी के समय 33 प्रतिशत छात्रों के साथ हापुड़ और 32 प्रतिशत छात्रों के साथ भदोही वाराणसी और चंदौली और 29 प्रतिशत स्टूडेंट के साथ मऊ जिले में इस को लांच किया गया था।

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कैसे रहा गौतम बौद्ध नगर में एनएटी स्कोर

एनएटी को लेकर उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जानकारी दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गौतम बौद्ध नगर में सरकार द्वारा संचालित उच्च प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा एक से कक्षा तीन के लगभग 28 प्रतिशत छात्रों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा एनएटी स्कोर प्राप्त किए हैं। बता दें कि पिछले वर्षों में कोरोना महामारी के वजह से सीखने की प्रक्रिया का पूर्ण मूल्यांकन नहीं हुआ था। इसी वजह से प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शैक्षिक संसाधन व्यक्तियों और प्रशासकों की निरंतर क्षमता निर्माण पर फोकस किया गया है। राज्य सरकार के द्वारा मूल्यांकन की प्रोसेस को स्थिर करने और उत्तर प्रदेश के स्कूलों के जिलेवार मूल्यांकन करने को अब बेहतर करने कि अपनी कोशिश को नए सिरे से शुरू किया गया है।

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राज्य के 44,000 हजार प्राइमरी स्कूलों को निपुण स्कूल का दर्जा दिया जाएगा

दिसंबर 2023 तक उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा निपुण स्कूल को डेवलप करने का टारगेट रखा गया है। प्रदेश सरकार के द्वारा राज्य के 44,000 हजार प्राइमरी स्कूलों को निपुण स्कूल का दर्जा दिया जाएगा। राज्य सरकार के द्वारा इसके लिए हर स्कूल में ट्रेनिंग दी जाएगी। स्टूडेंट्स को स्किल डेवलपमेंट के योग्य तो बनाया ही जायेगा। इसके साथ ही न्यूमेरेसी स्किल के योग्य भी बनाया जायेगा।

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