UP: मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को यह ऐलान किया कि उसने साल 2017 से 2021 तक वाहनों पर लंबित चालान को रद्द करने का निर्णय किया है।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 1 जनवरी 2017 और 31 दिसंबर 2021 के बीच जारी किए गए सभी चालानों पर रद्दीकरण लागू होता है। वाहनों के प्रकार की परवाह किए बिना इसमें ऐसे मामले शामिल हैं जो वर्तमान में विभिन्न अदालतों में लंबित हैं।

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परिवहन आयुक्त चंद्र भूषण सिंह ने इस संबंध में सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अदालती मामलों की सूची प्राप्त होने के बाद इन चालानों को पोर्टल से वापस ले लें।

परिवहन आयुक्त चंद्र भूषण सिंह की तरफ से कहा गया है कि पुराने लंबित चालानों को रद्द करना जून 2023 के यूपी अध्यादेश संख्या 2 के मुताबिक है। उन्होंने कहा यह कदम पूरे यूपी में करोड़ों चालानों की माफी का मार्ग प्रशस्त करता है।

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उन्होंने कहा है कि पुराने लंबित चालानों को रद्द करने के बाद जो वाहन चालक है उन्हें इस अवधि के बाद घबराना नहीं चाहिए। वे घर बैठे ही बेहद आसानी से ऑनलाइन के जरिए चालान को भर सकते है। उन्होंने कहा कि इसकी विस्तृत जानकारी को उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्राप्त की जा सकती है।

परिवहन आयुक्त चंद्र भूषण सिंह की तरफ से कहा गया है कि अगर वाहन चालकों को लगता है कि उनका गलत चालान काटा गया है, तो फिर वह शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।

इतना ही नहीं इसके अलावा अगर ड्राइवरों को लगता है कि एक गलत चालान जारी किया गया है, तो फिर वजह सीधे वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। वाहन का चालान कटने पर एक मोबाइल नोटिफिकेशन भी भेजा जाता है, जिससे शीघ्र संचार सुनिश्चित होता है।

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