UP : उत्तरप्रदेश के सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने में पीएम श्री योजना मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है। सरकार की तरफ से हाल ही में की गई हैं। बजट घोषणाओं में इस योजना के लिए 1000 करोड़ रूपये से ज्यादा तय की गई है। घोषणाओं में मुताबिक, केंद्र सरकार की सहायता से बेसिक शिक्षा पर 510 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जाएगी। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा पर 500 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जाएगी। सरकार की इस योजना के अनुरूप चुनिंदा जो स्कूल को पीएम श्री का दर्जा दिया जाएगा।

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भारत में 14,500 स्कूलों अपग्रेड

उत्तरप्रदेश सरकार की तरफ से 1753 स्कूलों का जिला स्तर और प्रदेश स्तर पर वेरिफिकेशन करके केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है। जब केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल जाती है। इसके बाद इन स्कूलों को पीएम श्री योजना के जरिए लाभान्वित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार को तरफ से देश में 14,500 स्कूलों को इस योजना के जरिए अपग्रेड करने का फैसला लिया था।

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स्कूल एनईपी के तहत अपग्रेड होंगे

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद के मुताबिक, भारत सरकार की इस योजना के तहत जिस पर स्कूलों का चयन किया गया है। हर एक ब्लॉक से दो स्कूल का चयन किया जाएगा। जिनसे आवेदन कराया गया। इसके बाद बीएसए स्तर पर इन स्कूल्स का मूल्यांकन किया गया। वही, ग्रामीण इलाकों के ऐसे स्कूल है। जिन्हें जिनको 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक मिलेगा। वो पास हो गए। वही, अगर हम अर्बन को बात करें, तो यह 70 प्रतिशत का कट ऑफ था यानी इससे ऊपर मार्क्‍स पाने वाले स्कूल ही पास हुए, इसके बाद जो स्कूल है इनका राज्य स्तर पर इन स्कूल का वेरिफिकेशन किया गया। प्रदेश के 1753 स्कूलों के आवेदन केन्द्र सरकार के पास भेजे गए है। इनमें माध्यमिक की बात करें तो इसमें 89 माध्यमिक स्कूल है, बाकी स्कूल की बात करें, तो यह बेसिक शिक्षा से संबंधित है। इसके बाद केंद्र सरकार की और से वेरिफिकेशन के बाद चिन्हित स्कूलों हैं। उनको पीएम श्री का दर्जा दिया जाएगा। सरकार की इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुताबिक, इन स्कूल को विकसित किया जायेगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से भी 60 प्रतिशत राशि मिलेगी।

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इस योजना में यह होगा खास

यह जो स्कूल है इसमें नवीनतम टेक्नोलॉजी, खेल, स्मार्ट क्लास और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्च पर स्पेशल ध्यान दिया जाएगा। इन विद्यालय में लगभग सभी स्टूडेंट्स के लिए एक सुरक्षित, प्रोत्साहित करने वाली शैक्षिक वातावरण में शिखने एवं अलग अनुभव प्रदान करने वाली बेहतर ढांचागत व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इसके साथ ही समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है।