Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के गुजरने की अनुमति देने में "बहुत खराब काम" करने और अपने दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने के खिलाफ भी चेतावनी दी। ट्रंप ने आगे कहा कि"हमारा समझौता यह नहीं है!"

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ईरान और अमेरिका ने कहा कि मंगलवार को दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बाद, खाड़ी और हिंद महासागर के बीच स्थित 167 किलोमीटर (104 मील) लंबी जलसंधि फिर से खुल जाएगी। लेकिन समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, मध्य-पूर्व युद्ध में सीजफायर लागू होने के बाद से अब तक सिर्फ 10 जहाज ही वहां से गुजरे हैं।

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ईरान के जहाजों पर टोल लगाने का सुझाव देने के बाद तनाव और बढ़ गया है। हालांकि ट्रंप ने भी इसी तरह के सुझाव दिए थे और यहां तक कि तेहरान के साथ मिलकर टोल लगाने की बात भी कही थी।

ट्रंप ने अपने पिछले 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि "ऐसी खबरें हैं कि ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले टैंकरों से फीस वसूल रहा है। उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए, और अगर वे ऐसा कर रहे हैं, तो उन्हें अभी के अभी रुक जाना चाहिए!"

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ईरान ने क्रिप्टो फीस की मांग की

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाजों से कह रही है कि वे अमेरिका के साथ दो हफ्ते के सीजफायर के दौरान, क्रिप्टोकरेंसी या चीनी युआन में पहले से ही टोल का भुगतान कर दें। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जहाजों के क्रू ने यह भी बताया कि उन्हें चेतावनी वाले मैसेज मिले, जिनमें कहा गया था कि बिना मंजूरी के गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बाजार के जानकारों के बताए गए शिपिंग डेटा के अनुसार, इस हफ़्ते कुछ खास दिनों में, सिर्फ कुछ ही जहाजों को ही वहां से गुजरने की इजाजत दी गई है।

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इजरायली पीएम ने सीजफायर पर क्या कहा?

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि "लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है" और उन्होंने हिज्बुल्लाह के खिलाफ "पूरी ताकत" से सैन्य अभियान जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, "मैं आपको सूचित करना चाहता हूं- लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है। हम पूरी ताकत से हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रखे हुए हैं, और जब तक हम आपकी सुरक्षा बहाल नहीं कर लेते, तब तक हम नहीं रुकेंगे।" नेतन्याहू ने आगे कहा कि उन्होंने कैबिनेट को लेबनानी सरकार के साथ सीधी बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया है, जिसका मकसद "हिज्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण" और एक "ऐतिहासिक शांति समझौता" करना है।