Trump on Venezuela Acting President: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को 3 जनवरी की गिरफ्तारी के बाद देश-विदेश में तेज राजनीतिक हलचल शुरू हो गई। इस बीच वेनेजुएला के सर्वोच्च न्यायालय ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाने का आदेश दिया, ताकि सरकार का कामकाज बिना रुकावट चलता रहे।

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इसी दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक विवादित पोस्ट साझा की। इसमें एक बदली हुई तस्वीर के जरिए ट्रम्प को "वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति" बताया गया। यह पोस्ट काफी चर्चा में रही, क्योंकि तब तक वेनेजुएला के संस्थानों ने संविधान के अनुसार अंतरिम नेतृत्व तय कर लिया था। ट्रम्प ने एक और पोस्ट को भी बढ़ावा दिया, जिसमें मजाकिया अंदाज में मार्को रुबियो को क्यूबा का राष्ट्रपति बताया गया था।

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वेनेजुएला सरकार और अधिकारियों ने साफ कहा कि देश में सत्ता का हस्तांतरण घरेलू कानून और संविधान के तहत होता है, न कि किसी विदेशी नेता के बयान से। उन्होंने जोर देकर कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बनी स्थिति को संभालने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की थी और उसी ने डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला पूरी तरह संवैधानिक नियमों के अनुसार लिया गया है, ताकि राष्ट्रपति की गिरफ्तारी से बने सत्ता के खालीपन को भरा जा सके। इस तरह, ट्रम्प के सोशल मीडिया दावों और वेनेजुएला की आधिकारिक संवैधानिक प्रक्रिया के बीच साफ टकराव देखने को मिला।

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तारीखघटना
3 जनवरीसंयुक्त राज्य अमेरिका ने निकोलस मादुरो और सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया।
3 जनवरीवेनेजुएला के सर्वोच्च न्यायलय ने डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नामित किया।
3 जनवरीट्रम्प ने सत्य सामाजिक पर "वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति" ग्राफिक साझा किया।
4 जनवरीट्रम्प ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका वेनेजुएला का "प्रभारी" है।

3 जनवरी को मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इरादे साफ किए। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को इस तरह "चलाएगा" कि वहां का तेल वैश्विक बाजार में बहता रहे। इसके अगले दिन, 4 जनवरी को, उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका वेनेजुएला का "प्रभारी" है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया कि वास्तव में देश का नियंत्रण किसके हाथ में है।

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अमेरिका की व्यापक रणनीति में वेनेजुएला पर एक तरह का "तेल संगरोध" शामिल था, ताकि ऊर्जा निर्यात से मिलने वाली आय को सीमित किया जा सके। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को कहा कि अमेरिका का मकसद वेनेजुएला को सीधे तौर पर प्रशासित करना नहीं है। यह बयान ट्रम्प की सख्त टिप्पणियों से अलग था, जिनसे ऐसा लग रहा था कि अमेरिका वेनेजुएला के मामलों पर व्यावहारिक नियंत्रण चाहता है।

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इस बीच, संघीय आरोपों के तहत अमेरिकी अदालत में मादुरो की पेशी ने राजनयिक तनाव और बढ़ा दिया। मादुरो ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभु प्रतिरक्षा का उल्लंघन है। इसी संदर्भ में कुछ विश्लेषकों ने यह भी कहा कि वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई चीन और क्यूबा जैसे देशों को चेतावनी देने का संकेत हो सकती है।

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कुल मिलाकर, ट्रम्प का खुद को वेनेजुएला का "कार्यवाहक राष्ट्रपति" बताना काफी विवादास्पद रहा। एक तरफ काराकस में अदालत के जरिए सत्ता का संवैधानिक हस्तांतरण हुआ, तो दूसरी तरफ तेल और शासन को लेकर अमेरिका के दावे सामने आए। मादुरो की कानूनी लड़ाई और वॉशिंगटन से आ रहे विरोधाभासी संदेश दिखाते हैं कि यह विवाद अभी कूटनीतिक, कानूनी और आर्थिक सभी मोर्चों पर जारी है।