नयी दिल्ली। गूगल समर्थित डिलीवरी सर्विस स्टार्टअप डुनजो के मुताबिक उसने एक डेटाबेस में सिक्योरिटी उल्लंघन (Data Breach) की पहचान की है, जिससे इसके उपयोगकर्ताओं के फोन नंबर और ईमेल एक्सपोज हो गए। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर मुकुंद झा के मुताबिक कंपनी के थर्ड पार्टी पार्टनर से संबंधित एक सर्वर में गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने एक ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी है कि क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी किसी पेमेंट जानकारी एक्सपोज नहीं हुई, क्योंकि हम इस डेटा को अपने सर्वर में स्टोर नहीं करते हैं।

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कंपनी ने लिया एक्शन
कंपनी ने सिक्योरिटी गैप को भरने करने के लिए "त्वरित कार्रवाई" की है और साथ ही सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को बढ़ाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपयोगकर्ताओं का डेटा सुरक्षित है। डुनजो ने उपयोगकर्ताओं को पासवर्ड बदलने की सलाह नहीं दी। शायद इसलिए कि ऐप वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सिस्टम के माध्यम से ऑपरेट करती है। सभी एक्सेस टोकन, पासवर्ड्स, थर्ड-पार्टी प्लग-इन और इंटीग्रेशंस को रिव्यू किया गया है।

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सिक्योरिटी को लेकर कंपनी गंभीर
मुकुंद झा के अनुसार हमने हमेशा सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस गड़बड़ी पर खेद भी जताया है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम मौजूदा स्थिति को सही करने के लिए सब कुछ रही है। हालांकि डुनजो ने उजागर किए गए अकाउंट की संख्या या थर्ड पार्टी के साझेदार के नाम का खुलासा नहीं किया, जिनके सर्वर प्रभावित हुए थे।

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कोरोना के बाद बढ़े मामले
दुनिया भर में कोरोनावायरस महामारी फैलने के बाद से साइबर हमले, डेटा लीक और उल्लंघनों (Breaches) में वृद्धि हुई है। यूएस आधारित साइबर इंटेलिजेंस फर्म साइबल ने इंडियाबुल्स ग्रुप पर एक रैनसमवेयर हमले (एक प्रकार का सॉफ़्टवेयर जो कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच को तब तक रोकता है जब तक कि पैसों का भुगतान न किया जाए) की सूचना दी थी, जिसमें समूह की कंपनियों के महत्वपूर्ण डेटा को लीक करने की धमकी दी गई थी। इसमें अकाउंट ट्रांजेक्शन डिटेल, वाउचर, बैंक प्रबंधकों को भेजे गए पत्र शामिल हैं।

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