नई दिल्ली, सितंबर 22। अगर आप अपने मौजूदा होम लोन पर अधिक ब्याज दर भर रहे हैं तो आप अपने लोन को आसानी से कम ब्याज दर वाले बैंक या उधार देने वाली सस्था में शिफ्ट कर सकते हैं। यह होम लोन बैलेंस ट्रांसफर के विकल्प के माध्यम से संभव है। यह प्रक्रिया ग्राहक को अपने होम लोन को एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की सुविधा देती है।

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आरबीआई देती है अनुमति

आरबीआई ने जब से फोरक्लोजर पेनल्टी को हटाया है तबसे होम लोन के बैलेंस ट्रांसफर की प्रक्रिया सुविधाजनक बन गई है। आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक बैंक या लोन देने वाली संस्थाएं फोरक्लोज़र या होम लोन का समय से पहले भुगतान करने पर कोई जुर्माना नहीं लगा सकती हैं। पहले ग्राहक समय से पहले लोन चुकाने पर लगने वाले हाई पेनाल्टी के कारण समय से पहले लोन चुकाने से बचते थे। लेकिन, जब से आरबीआई ने दिशानिर्देश जारी किया है तब से अब ग्राहक अपने होम लोन बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प चुनकर अन्य बैंकों या संस्था में दी जाने वाली कम ब्याज दरों का लाभ उठा रहे हैं। जो भी ग्राहक होम लोन बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प चुनते हैं, उसका सबसे बड़ा कारण कम ब्याज दर है। होम लोन को किफायती बनाने के लिए यह एक बेहतर विकल्प है।

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इन बातों पर देना चाहिए ध्यान

ब्याज दर कम होना चाहिए

सभी लोग होम लोन बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प तभी चुनते हैं, जब मौजूदा ब्याज दर से कम ब्याज दर कहीं मिलती है। यदि आपके मौजूदा होम लोन पर ब्याज दर अधिक है तो आपकों होम लोन ट्रांसफर के विषय में जरूर सोचना चाहिए।

ईएमआई की राशि

लोन पर दी जाने वाली ब्याज दरें लोन लेने वाले व्यक्ति के क्रेडिट प्रोफाइल और अन्य योग्यताओं पर निर्भर करती हैं। यदि ग्राहक की क्रेडिट रेटिंग काफी अच्छी है, तो बैंक या लोन देने वाली संस्था उसे आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो आप बचे हुए लोन पर ईएमआई कम देंगे।

होम लोन का चुकौती समय

आपकों हमेशा अपने होम लोन के चुकाने का सयम तय करते समय अपनी आय, वित्तीय दायित्वों, ब्याज दरों और अन्य चिजों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। होम लोन बैलेंस ट्रांसफर कराने के लिए आपकों बैंकों के कार्यालयों का दौरा करना पड़ेगा। बैलेंस ट्रांसफर बेहतर लोन अवधि में शिफ्ट होने में मदद करता है।