Train Travel Insurance : भारत में लोग लंबी और छोटी दोनों तरह की दूरी की यात्रा करते हैं। इन दोनों के सफर लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। ट्रेन सुविधाजनक और किफायती ऑप्शन भी है। वैसे तो रेलवे कई सेवाएं देती है, पर क्या आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे बीमा भी प्रोवाइड करता है। जी हां हर वो व्यक्ति जो ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते समय इसका विकल्प चुने वो बीमा के लिए पात्र होता है। आगे जानिए कैसे आप भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
अकसर लोग ट्रैवल एजेंट के माध्यम से या काउंटर पर टिकट बुक करते समय इस बीमा पर ध्यान नहीं देते। पर ये बहुत काम का ऑप्शन है, जिसमें आपको 10 लाख रु तक का कवर मिलता है। इस सुविधा का लाभ ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मिलता है। जब आप आईआरसीटीसी वेबसाइट के पेज पर जाएं तो 'यात्रा बीमा' विकल्प ढूंढे और टिकट बुक करते समय इसका ऑप्शन चुनें।
1 रु से कम का खर्च
आप सोच रहे होंगे कि 10 लाख रु का कवर लेने के लिए आपको मोटी रकम बतौर प्रीमियम देनी होगी। मगर ऐसा नहीं है। दरअसल आपको ये कवर 1 रु से भी कम के खर्च पर मिल जाएगा। आईआरसीटीसी यात्रियों को 10 लाख रुपए तक का बीमा 1 रुपए से कम की लागत पर देती है।
अगर आप इस विकल्प का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको इसके ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। साथ ही टिकट बुक करते समय कुछ डिटेल फिल करनी होगी। इन आसान स्टेप्स से आप भारतीय रेलवे की ट्रेनों में यात्रा करते समय होने वाली किसी भी दुर्घटना के प्रति बीमा हासिल कर सकते हैं और वो भी 10 लाख रु तक का।
ट्रेन ट्रेवल इंश्योरेंस
आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप के जरिए अगर आप टिकट बुक करते हैं तो इस बीमा सुविधा का लाभ ले सकते हैं। पर इस बीमा कवर का फायदा केवल भारतीयों को मिलता है। फ्लाइट टिकट बुकिंग वेबसाइट भी ऐसा ही बीमा ऑफर करती हैं, पर उनका प्रीमियम काफी ज्यादा होता है।
यदि ट्रेन दुर्घटना में कोई आंशिक रूप से विकलांग हो जाता है, तो उसे 7.5 लाख रुपये का मुआवजा मिलता। गंभीर चोट लगने पर 2 लाख रुपये और मामूली चोट लगने पर 10 हजार रुपये की राशि दी जाती है। अगर दुर्घटना में किसी व्यक्ति मृत्यु हो जाए या वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाए तो उसे 10 लाख रुपये की बीमा राशि दी जाएगी।
यदि रेल दुर्घटना होती है तो 4 महीने के अंदर यात्री बीमा के लिए कर सकते हैं। आपको ये भी जानना जरूरी है कि आईआरसीटीसी आखिर कैसे आपको यात्री बीमा देगी। आपको इसके लिए कंपनी के ऑफिस में जाकर बीमा के लिए क्लेम करना होगा। दूसरी बात यह भी है कि बीमा खरीदते समय आपको नॉमिनी का नाम जरूर दर्ज करना होगा। उससे होगा यह है कि किसी तरह की अप्रिय घटना की स्थिति में आपके नॉमिनी को क्लेम करने में दिक्कत नहीं आएगी।
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