नई दिल्ली: केबल टीवी और डीटीएच ग्राहकों के यह अच्छी खबर है। अब नए साल में टीवी देखना सस्ता होने वाला है। दरअसल टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) टेलिकॉम सेक्टर में कई बदलाव करने के बाद अब ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में भी नए नियम लागू करने के साथ ही पुरानी चार्जेज को रिवाइज करने की तैयारी में है। जानकारी दें कि इसी साल अप्रैल में ट्राई ने डीटीएच और केबल टीवी सब्सक्राइबर्स के लिए नए टैरिफ नियमों को लागू किया था। हालांकि, इससे यूजर्स खुश नहीं हैं, क्योंकि पहले के मुकाबले अब टीवी देखना अब काफी महंगा हो गया है। टैरिफ महंगा होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह थी नेटवर्क कपैसिटी फी (एनसीएफ) में किए गए बदलाव।
यूजर्स को करने होंगे कम खर्च
मालूम हो कि अब डीटीएच और केबल टीवी सब्सक्राइबर्स को 153 रुपये एनसीएफ देना जरूरी है। एनसीएफ इस बात पर भी निर्भर करता है कि यूजर ने कितने फ्री टू एयर चैनल को सब्सक्राइब किया है। इसके साथ ही a-la-carte (अलग से चुने हुए) चैनल भी अब पहले से महंगे हो गए हैं। ट्राई अब इन्हीं को कम करने के बारे में सोच रही है। ताकि यूजर्स को केबल टीवी या डीटीएच सब्सक्रिप्शन के लिए ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़ें।
कॉन्टेंट चार्ज भी देना होगा अनिवार्य
फिलहाल यूजर्स को टीवी देखने के लिए दो तरह के बिल के भुगतान करना होता है। इसमें पहला एनसीएफ चार्ज और दूसरा कॉन्टेंट चार्ज है। यूजर द्वारा दिया जाने वाला कॉन्टेंट चार्ज टीवी चैनल के ब्रॉडकास्टर के खाते में जाता है। एनसीएफ चार्ज वह चार्ज है जो चैनल दिखाने के लिए डीटीएच या केबल ऑपरेटर को दिया जाता है। इसमें 100 चैनल के लिए यूजर्स को हर महीने 153 रुपये देना ही होता है।
ट्राई की कोशिश यूजर्स को सस्ते में टीवी दिखाना
मालूम हो कि ट्राई के नए कंस्लटेशन पेपर में लागू हुए नए टैरिफ नियम में बदलाव करने की बात कही गई है। ट्राई की कोशिश है कि अब वह यूजर्स के लिए टीवी देखना सस्ता करे। इसके लिए ट्राई ने वैरियेबल एनसीएफ लाने का प्रपोजल दिया है। वेरियबल एनसीएफ हर सर्कल के लिए अलग होगा। एनसीएफ यूजर की पसंद और उपलब्ध डेटा पर भी निर्धारित किया जाएगा।
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