Top Study Abroad Destination for Gen Z: पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले Gen-Z स्टूडेंट्स की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। विदेश में पढ़ाई करने से स्टूडेंट्स को नई संस्कृति के साथ-साथ नए करियर के रास्ते तलाशने और जीवन भर का अनुभव मिलता है।
कई देश अपने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स का स्वागत करते हैं और उन्हें पढ़ाई के बाद काम करने का मौका भी देते हैं।
चलिए आपको बताते हैं कि आखिर वो कौन-कौन से टॉप डेस्टिनेशन हैं जहां पर Gen Z स्टूडेंट्स पढ़ाई कर सकते हैं।
न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने पर आएगा इतना खर्च
न्यूजीलैंड टॉप यूरोपियन देश है जहां हर साल कई साल बच्चे पढ़ाई करने के लिए आते हैं। यहां पर पढ़ाई भी बेहद सस्ती है। अगर आप इस देश में पढ़ना चाहते हैं तो आपको सालाना 10 से 15 लाख रुपये खर्च करने पड़ेगें।
आपको बता दें कि यहां ट्यूशन फीस बेहद कम ली जाती है, कई बार तो यहां की यूनिवर्सिटी छात्रों की ट्यूशन फीस के लिए फंडिंग प्रोग्राम भी चलाती है, जिसके तहत पूरी फीस माफ हो जाती है।
इसके अलावा आप न्यूजीलैंड में स्कॉलरशिप के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में मौजूद हैं कई यूनिवर्सिटीज
ऑस्ट्रेलिया में औसतन $2,000/माह खर्च करने के लिए आपको तैयार रहना होगा। आपको बता दें कि इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के बीच सबसे पापुलर स्टडी डेस्टिनेशन में ऑस्ट्रेलिया भी टॉप पोजिशन पर आता है।
यह देश अपने एजुकेशन सिस्टम, टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट, हेल्थकेयर, इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य सरकारी सेवाओं के चलते युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है।
कनाडा में इतना होगा खर्च
इंडियन स्टूडेंट्स के बीच कनाडा पहली पसंद कई कारणों से है। कनाडा का पोस्ट ग्रेजुएट वर्क परमिट प्रोग्राम कम से कम आठ महीने का कोर्स पूरा करने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को तीन साल तक यहां काम करने की अनुमति देता है।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स को कनाडा का स्थायी निवासी बनने में भी हेल्प करता है। सिर्फ यही नहीं, कनाडा में कई टॉप यूनिवर्सिटीज हैं जिनमें आप एडमिशन ले सकते हैं।
कनाडा में पढ़ने के लिए आपके अकाउंट में कम से कम 10000 कैनेडियन डॉलर बैलेंस होना जरूरी है।
जर्मनी
इस देश में सरकारी स्कूलों के लिए तो कोई फीस नहीं देनी पड़ती है। वहीं, अगर आप कॉलेज में जाते हैं तो बहुत कम फीस देनी पड़ती है।
इसके अलावा भी कुछ बड़े नामी निजी कॉलेज हैं जिनमें भी कम फीस में पढ़ाई होती है। वहीं इस देश भारतीय छात्र को स्टूडेंट वीजा भी काफी आसानी से मिल जाता है।
जानकारी के लिए बता दें जर्मनी में छात्रों से ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है। यहां पर प्रति वर्ष लगभग €20,000 (US$24,400) और €30,000 तक हो सकती है।
जापान में ले सकते हैं एडमिशन
विश्व स्तर पर जारी होने वाली क्यो एस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों की लिस्ट में कुल 51 जापानी विश्वविद्यालय शामिल हैं और इसमें टोक्यो विश्वविद्यालय का विश्व स्तर पर 28वां स्थान है।
आपको बता दें कि जापान में अगर आप किसी कॉलेज में एडमिशन लेते हैं तो यहां पर 10,000 डॉलर से 40,000 डॉलर तक का खर्च आपको उठाना पड़ेगा।
इन जगहों के अलावा आप स्पेन, डेनमार्क, नॉर्वे के कॉलेज या यूनिवर्सिटीज में भी एडमिशन ले सकते हैं।
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