Tirupati Temple Stampede News: आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में हुई एक बड़ी भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। यह घटना तिरुमाला के भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन बांटने के दौरान हुई। आइए इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं।

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ऐसे हुई पूरी तिरुपति मंदिर में घटना

तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शन टोकन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। गुरुवार की सुबह पांच बजे से एसएसडी टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई है। लेकिन भक्त इस वैकुंठ द्वार के दर्शन टोकन के लिए बुधवार शाम से ही काउंटरों पर पहुंच गए। एसएसडी टोकन जारी करने के लिए तिरुपति में 8 केंद्र स्थापित किए गए हैं। आठ केंद्रों पर 90 काउंटर बनाये गये हैं। लेकिन इन काउंटरों पर श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह अफरा-तफरी तिरुपति विष्णु निवासम में भड़की थी, जहां टोकन बांटे जा रहे थे।

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कई लोग घायल

मरने वालों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी ने इन जानकारी की पुष्टि करते हुए बताया कि भगदड़ बुधवार रात को तिरुमाला हिल्स में हुई थी। वीडियो सामने आए हैं जिसमें पुलिस अधिकारी घायल व्यक्तियों को सीपीआर देते और महिला श्रद्धालुओं को एंबुलेंस में चढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों को सक्रिय रूप से सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विष्णु निवासम के पास चार श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल का दौरा करने और घायलों के बेहतर इलाज के लिए उचित राहत उपाय लागू करने का निर्देश दिया है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्त की संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "मैं आंध्र प्रदेश के तिरुपति में हुई भगदड़ से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं।" इस बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर अपनी संवेदना व्यक्त की और कांग्रेस सदस्यों से इस चुनौतीपूर्ण समय में समर्थन देने का आग्रह किया।

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सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल

वैकुंठ द्वार दर्शनम कार्यक्रम 10 जनवरी को शुरू हुआ और 10 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए है। घायलों को चिकित्सा देखभाल के लिए तिरुपति रुइया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी सामान्य अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए हैं।