नई द‍िल्‍ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के विलय के बाद बनने वाले बैंक को नया नाम दिया जाएगा। केंद्र सरकार इस संबंध में जल्द ही घोषणा कर सकती है। इस बात की जानकारी बैंक के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी है। नई इकाई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा जिसका कुल व्यापार आकार 18 लाख करोड़ रुपये का होगा। बता दें कि पिछले साल सरकार ने पीएनबी में अन्य दो बैंकों (ओबीसी और यूनाइटेड बैंक) में विलय का फैसला किया था। इस मर्जर के बाद पीएनबी देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा। SBI ने फिर दिया ग्राहकों को झटका, FD पर घटाया ब्याज ये भी पढ़ें

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नया बैंक 1 अप्रैल से आएगा ऑपरेशन में

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) के एक अधिकारी ने कहा, सरकार विलय के बाद बनने वाली इकाई के नये नाम और प्रतीक चिन्ह की घोषणा करेगा। मालूम हो कि यह एक अप्रैल 2020 से परिचालन में आएगा। इस बात की जानकारी दी गई कि नये बैंक की पहचान बनाने को लेकर प्रतीक चिन्ह काफी महत्वपूर्ण है। इस बारे में तीनों सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में उच्च स्तर पर चर्चा हुई है। वहीं अधिकारी ने कहा कि तीनों बैंकों ने प्रक्रियाओं के मानकीकृत बनाने और तालमेल बैठाने को लेकर 34 समितियां बनायी थी। समितियों ने संबंधित निदेशक मंडलों को अपनी रिपोर्ट पहले ही सौंप दी है।

विलय के बाद संयुक्त रूप से कर्मचारियों की संख्या होगी एक लाख

बता दें कि प्रमुख बैंक पीएनबी ने परामर्शदाता अर्नेंस एंड यंग (ईएंडवाई) को नियुक्त किया है जो मानकीकरण और तालमेल बैठाने को लेकर निगरानी करेगा। इसमें मानव संसाधन, साफ्टवेयर, उत्पाद और सेवाओं से जुड़े मामले शामिल हैं। वहीं अधिकारी के अनुसार विलय के बाद बनने वाली इकाई में संयुक्त रूप से कर्मचारियों की संख्या एक लाख होगी।

जानिए ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
  • ग्राहकों को नया अकाउंट नंबर और कस्टमर आईडी मिल सकता है।
    • वहीं जिन ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड मिलेंगे, उन्हें नए डीटेल्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) आदि में अपडेट करवाने होंगे।
      • एसआईपी या लोन ईएमआई के लिए ग्राहकों को नया इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है।
        • वहीं नई चेकबुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड इशू हो सकता है।
          • बता दें फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा।
            • जिन ब्याज दरों पर व्हीकल लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि लिए गए हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं होगा।
              • वहीं कुछ शाखाएं बंद हो सकती हैं, इसलिए ग्राहकों को नई शाखाओं में जाना पड़ सकता है।
                • बता दें कि मर्जर के बाद एंटिटी को सभी इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ईसीएस) निर्देशों और पोस्ट डेटेड चेक को क्लीयर करना होगा।