Income tax: भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने बजट पेश किए जाने के पहले अपने रिपोर्ट मे सरकार से अगले बजट में व्यक्तिगत आयकर में कटौती और पब्लिक स्पेंडिग को बढ़ाने की वकालत की है। उद्योग निकाय ने वित्त वर्ष 2024 में पूंजीगत व्यय को जीडीपी के 3.3 से 3.4 प्रतिशत तक बढ़ाने का सुझाव दिया है। वर्तमान में पूजिंगत व्यय 2.9 प्रतिशत है। CII ने अपनी मांगों में कहा है कि पूजीगत व्यय को वित्त वर्ष 2025 तक 3.8-3.9 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए। सीसीआई ने निवेश के साथ-साथ उपभोग मांग को और बढ़ाने पर भी बल दिया है।

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सरकारों को घटानी चाहिए इनकम टैक्स की दरें

सीआईआई के अध्यक्ष संजीव बजाज का कहना है कि जटिलताओं और विसंगतियों को दूर करने के लिए पूंजीगत लाभ टैक्स पर इसकी दरों और समय अवधि के संबंध में नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उपभोक्ताओं के हाथों में अधिक पैसा देने के लिए व्यक्तिगत आयकर दरों में कटौती की जानी चाहिए। बजाज ने रविवार को सीआईआई के माध्यम से एक बयान में कहा कि सरकार को सुधार के अपने अगले प्रयास में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कमी पर विचार करना चाहिए क्योंकि इससे लोगों के आय में वृद्धि होगी और बाजार में मांग बढ़ेगी।

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इन्फरास्ट्रक्चर पर देना चाहिए ध्यान

CCI ने सरकार को सड़कों, रेलवे और बंदरगाहों जैसे पारंपरिक बुनियादी ढांचे के साथ ग्रीन एनर्जी के बुनियादी ढांचे पर अपने खर्चों को बढ़ाने का भी सुझाव दिया है। सीसीआई उर्जा के क्षेत्र में सरकार को ग्रीन एनर्जी का रास्ता अपनाने का सुझाव देती है। सीसीआई के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने के लिए CII ने कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट (इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड सहित) को और अधिक प्रोस्तसाहित करने का प्रस्ताव दिया है। निवेश से मिले पैसों को बुनियादी ढ़ाचा बनाने के लिए किया जा सकता है। सीसीआई ने शहरी म्यूनिसिपल बॉन्ड को और बड़ा करने की सलाह दी है। CII ने अपनी मांगों में कहा है कि पूजीगत व्यय को वित्त वर्ष 25 तक 3.8-3.9 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए। सीसीआई ने निवेश के साथ-साथ उपभोग मांग को और बढ़ाने पर भी बल दिया है।

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