Income Tax Return को फाइल करने का समय पास आ रहा है। आयकर विभाग ने इंडिविजुअल्स के उपयोग वाले तीन फॉर्म आईटीआर-1, आईटीआर-2, आईटीआर-3 को जारी कर दिया है। इसके साथ ही कुछ और फॉर्म को भी इनेबल कर दिए गए हैं।

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ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग के लिए टैक्सपेयर्स इनका उपयोग कर सकते हैं। ये प्री फील्ड डेटा फॉर्म होता है। कई सारी कंपनियां है। जिन्होंने एंप्लॉयीज को फॉर्म 16 जारी कर दिए है और जिन कंपनी ने एंप्लॉयीज को फॉर्म 16 जारी नहीं किया है वे कंपनी जल्द ही जारी कर देगी। वित्तीय वर्ष 2022-23 का आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2023 है।

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नौकरी करने वाले व्यक्ति को फॉर्म 16 मिलते ही आईटीआर फाइल करने की प्रक्रिया शुरू कर देना चाहिए। अगर आप जल्द इसकी प्रोसेस को शुरू कर देते है, तो फिर आप गलतियों से बचा जा सकता है। क्योंकि जल्दबाजी में अक्सर कई गलतियां हो जाती है तो फिर आइए जानते हैं कुछ सामान गलतियों के बारे में।

इसमें एक सबसे बड़ी गलती होती है कि सही फॉर्म का चयन नहीं कर पाना। टैक्सपेयर को अपनी आय के सोर्स, कुल टैक्सेबल इनकम और एसेट्स के आधार पर अपने लिए सही फॉर्म का सिलेक्शन करना होता है।

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अगर आप गलत फॉर्म का उपयोग करते है, तो फिर ऐसे में आपका आईटीआर डिफेक्टिव हो जायेगा। आपको ऐसे में रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए नोटिस मिल सकता है। इसके साथ ही अगर आप वक्त पर रिवाइज्ड रिटर्न फाइल नहीं करते हैं, तो आपके रिटर्न को इनवैलिड मान लिया जाएगा।

रिटर्न को फाइल करने से पहले आपको फॉर्म 26एएएस और एआईएस को चेक कर लेना चाहिए। आपको दोनों को ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई फीलिंग पोर्टल से हासिल कर सकते है।

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रिटर्न को फाइल करने में देरी करना ये भी एक समान गलती है। रिटर्न फाइलिंग में देरी करने का कोई लाभ नहीं है। अधिक टाइम करने में कई बार आखिरी तारीख निकल जाती है।

देरी होने का कारण यह है कि आवश्यक डाक्यूमेंट जुटाने में थोड़ा वक्त लगता है। अगर आप वक्त पर रिटर्न फाइल नहीं करते हैं, तो आपको 1 हजार रु से लेकर 5 हजार रु तक जुर्माना देना पड़ सकता है।

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अगर आपको केवल वेतन से आय हो रही है, तो फिर भी आपको बैंक खाते से मिलने वाले ब्याज की जानकारी रिटर्न में देना आवश्यक है।

आईटीआर फाइल करने के बाद उसे वेरिफाय करना आवश्यक होता है। रिटर्न फाइल करने के 30 दिन के भीतर अब इसे वेरिफाय करना आवश्यक है।

इसके आय कर विभाग की ई-फाइलिंग पोर्टल की सहायता से आधार, प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट, डीमैट अकाउंट आदि के माध्यम से वेरिफाय किया जा सकता है।

Taxpayers ध्यान दें! इस बार Income Tax Return फाइलिंग के लिए आपको कौन सा form लगेगा | GoodReturns
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