नई दिल्ली: बस कुछ दिनों बाद ही नया साल शुरू होने जा रहा है। साल 2021 कई बड़े बदलाव लेकर आने वाला है जो आपकी जेब पर सीधा असर डालेंगे। साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी से बैंकिंग से लेकर बीमा से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। SBI : ग्राहक हो जाएं अलर्ट वरना खाली हो सकता है अकाउंट ये भी पढ़ें
इसमें गैस सिलेंडर के दाम, बैंकिंग, लैंडलाइन से मोबाइल फोन पर कॉल और बीमा पॉलिसी, आदि से जुड़ी कई चीजें शामिल हैं। इसके साथ ही चेक पेमेंट से लेकर फास्टैग, यूपीआई पेमेंट सिस्टम और जीएसटी रिटर्न के नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसलिए 1 तारीख से पहले आप इन सभी बदलावों के बारे में जान लें, जिससे आपको बाद में नुकसान न उठाना पड़ें।
बता दें देश की सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतें तय करती हैं। कीमतों में इजाफा भी हो सकता है और राहत भी मिल सकती है। ऐसे में 1 जनवरी को सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हो सकता है।
1 जनवरी 2021 से चेक के जरिए भुगतान करने के नियमों में भी बदलाव हो जाएगा। नए नियम लागू होने के बाद 50 हजार से ज्यादा भुगतान वाले चेक के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू होगा। इसके अंतर्गत 50 हजार से ज्यादा के चेक के लिए जरूरी जानकारी की पुष्टि दोबारा की जाएगी। ये नए नियम चेक पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने और बैंक धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाए गए हैं।
कार खरीदने का सोच रहे तो जल्दी खरीदें। 1 जनवरी 2021 कार खरीदना महंगा हो जाएगा। ऑटोमोबाइल कंपनियां जनवरी 2021 से अपने कई मॉडल के दाम बढ़ाने का मन बना चुकी है। महिंद्रा के बाद रेनॉ और एमजी मोटर ने जनवरी से अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का ऐलान कर दिया है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ाव देने के मकसद से केंद्रीय बैंक ने 1 जनवरी से कॉन्टैक्टलेस कार्ड के जरिए भुगतान की सीमा बढ़ाकर 5,000 रुपए करने का फैसला लिया है। अभी कॉन्टैक्टलेस कार्ड के जरिए भुगतान की सीमा 2,000 रुपए है।
1 जनवरी 2021 से देशभर में लैंडलाइन से मोबाइल फोन पर कॉल करने के लिए नंबर से पहले शून्य लगाना जरूरी होगा। इससे टेलीकॉम कंपनियों को ज्यादा नंबर बनाने में मदद मिलेगी।
1 जनवरी से अमेजन-पे, गूगल-पे और फोन-पे से भुगतान करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। एनपीसीआई ने 1 जनवरी से थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स की ओर से चलाई जाने वाली यूपीआई पेमेंस सर्विस पर एक्सट्रा शुल्क लगान का फैसला किया है। जिसके बाद एनपीसीआई ने नये साल पर थर्ड पार्टी ऐप के ऊपर 30% का कैप लगा दिया है। हालांकि पेटीएम इस दायरे में नहीं है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 1 जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों पर फास्टैग लगाना अनिवार्य कर दिया है। बिना फास्टैग के नेशनल हाईवे टोल पार करने वाले चालकों को दोगुना चार्ज देना होगा। फिलहाल सभी टोल प्लाजा पर 80 परसेंट लाइनों को फास्टैग और 20 परसेंट लाइनों को कैश में इस्तेमाल किया जा रहा है।
1 जनवरी के बाद कम प्रीमियम में बीमा खरीद पाएंगे। आईआरडीएआई ने सभी कंपनियों को सरल जीवन बीमा लॉन्च करने को कहा है। बता दें आरोग्य संजीवनी नामक स्टैंडर्ड रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पेश करने के बाद एक स्टैंडर्ड टर्म लाइफ इंश्योरेंस पेश करने का निर्देश दिया है।
कारोबारियों को 1 जनवरी से साल भर में सिर्फ 4 जीएसटीआर-3बी रिटर्न फॉर्म भरने पड़ेंगे। वर्तमान में कारोबारी ऐसे 12 फॉर्म भरते हैं। सरकार ने जीएसटीरिटर्न फाइलिंग प्रोसेस को ज्यादा आसान बनाने के लिए ही क्वारटर्ली फाइलिंग ऑफ रिटर्न विद मंथली पेमेंट योजना लागू की है। इस योजना का लाभ कुल 5 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर तक वाले कारोबारी उठा सकते हैं।
1 जनवरी 2021 से म्यूचुअल फंड निवेश के नियम भी बदल रहे हैं। निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए मार्केट रेगुलेटर सेबी ने म्यूचुअल फंड के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। नए नियम लागू होने के बाद फंड्स का 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी में इंवेस्ट करना अनिवार्य होगा। जो कि अभी न्यूनतम 65 फीसदी है।
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