नई दिल्ली, अगस्त 28। आम तौर हर महीने की पहली तारीख से कई नियम लागू होते हैं। चाहे वे बैंक से जुड़े हों या फिर पोस्ट ऑफिस या टैक्स से। अब अगस्त का महीना खत्म होने जा रहा है। जबकि तीन दिन बाद सितंबर का महीना शुरू होने जा रहा है। अगले महीने से कई बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनकी जानकारी हम आपको यहां देंगे। इन नियमों में कई नयी चीजें आपको प्रभावित कर सकती हैं।
पीएनबी बचत खाते पर ब्याज दरें घटाने जा रहा है। इसकी नयी ब्याज दरें 1 सितंबर से लागू हो जाएंगी। यदि आपका भी खाता पीएनबी में है तो आपको भी कम ब्याज मिलेगा। पीएनबी अपने ग्राहकों को बचत खाते पर 1 सितंबर से 2.90 फीसदी ब्याज दर ऑफर करेगा। जबकि इसकी मौजूदा ब्याज दर 3 फीसदी है। पीएनबी के नये और पुराने दोनों ग्राहकों को नुकसान उठाना होगा।
अगले महीने से आपकी कंपनी आपके भविष्य निधि (पीएफ) खाते में केवल तभी पैसा जमा कर पाएगी, जब आपका यूएएन आपके आधार कार्ड से लिंक होगा। पीएफ के विभिन्न बेनेफिट प्राप्त करने के लिए अपने आधार कार्ड को पीएफ खाते से लिंक करना अनिवार्य है। इसके लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त है। पहले इसके लिए आखिरी तारीख 31 मई थी, जिसे बढ़ा कर 31 अगस्त तक कर दिया गया था।
पटना-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 1 सितंबर से कई अतिरिक्त सुविधाओं के साथ तेजस रेक के साथ शुरू होगी। पटना से नई दिल्ली के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस अब 1 सितंबर से तेजस राजधानी के नाम से जानी जाएगी और पटना से रोजाना चलेगी। ट्रेन 160 किमी / घंटा की अधिकतम गति से चलने के लिए फिट है, हालांकि, यह ट्रेन 130 किमी / घंटा पर चलेगी। टिकट की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा होती है और नयी कीमतें जारी की जाती हैं। समीक्षा के बाद कीमतों में कटौती, बढ़ोतरी और कोई बदलाव न होना, तीनों चीजों की संभावना रहती है। अगस्त में एलपीजी में कीमतों में 25 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गयी थी।
जीएसटी नहीं भर पाएंगे
जिन करदाताओं ने पिछले दो महीनों में जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं किया है, वे 1 सितंबर से जीएसटीआर-1 में आउटवार्ड यानी बाहर भेजे जाने वाली सप्लाई की डिटेल फाइल नहीं कर पाएंगे। जीएसटीएन ने कहा कि केंद्रीय जीएसटी नियमों का नियम-59(6), जो जीएसटीआर-1 दाखिल करने में प्रतिबंध का प्रावधान करता है, 1 सितंबर, 2021 से लागू होगा।
हाल ही में लिए गए फैसले के अनुसार वाहन खरीदार द्वारा अपने डेमेज कवर को वहन किया जाएगा। इसके नतीजे में सितंबर से कार खरीदने पर डाउन पेमेंट 10-12 हजार रुपये तक बढ़ जाएगी। दोपहिया वाहनों के मामले में यह राशि 1000 रुपये तक हो सकती है। परिणामस्वरूप एक नए वाहन पर बीमा की लागत में काफी वृद्धि होगी। यानी कुल मिला कर आपको गाड़ी (फिर चाहे वो दोपहिया हो या चार पहिया) खरीदने के लिए ज्यादा पैसा देना होगा।
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