नयी दिल्ली। पेंशन पैसों के मामले में बहुत सहूलियत वाला ऑप्शन है। हर महीने आने वाली पेंशन आपके और आपके परिवार को काफी राहत दे सकती है। यदि आप पेंशन की व्यवस्था करना चाहते हैं तो इसके कई तरीके हैं। हम आपको यहां बेस्ट पेंशन ऑप्शन की जानकारी देंगे, जिससे आपके साथ-साथ पूरे परिवार को पेंशन मिल सकती है।

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ईपीएफओ की पेंशन स्कीम

आपको मालूम होगा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) संभालता है। साथ ही ये उनके लिए पेंशन स्कीम भी ऑपरेट करता है। आप जो पैसा ईपीएफओ के पास बतौर योगदान देते हैं उतना पैसा आपकी कंपनी भी आपके ईपीएफ खाते में जमा कराता है। मगर कंपनी जो पैसा जमा करती है उसी में से कुछ एम्‍प्‍लॉई पेंशन स्कीम (ईपीएस) में जाता है। इसी ईपीएस स्कीम के तहत रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन हासिल होती है।

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परिवार को मिलती है पेंशन

ईपीएस से आपके साथ-साथ आपके परिवार को भी आर्थिक मदद मिलती है। यदि ईपीएफ खाताधारक की मृत्यु हो जाए तो पेंशन का फायदा पत्नी/पति और बच्चों को दिया जाता है। इसी फैसिलिटी को फैमिली पेंशन कहते हैं।

कैसे मिलेगी पेंशन

यदि आप पेंशन का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आपने लगातार 10 साल नौकरी की हो। अहम बात ये है कि इस पेंशन स्कीम में सिर्फ कंपनी ही पैसा जमा करती है। आपकी कंपनी जो 1 फीसदी आपके ईपीएफ खाते में जमा करती है उसमें से 8.33 फीसदी पैसा इसी स्कीम में जाता है। दूसरी जरूरी चीज कि पेंशन में सरकार का भी योगदान होता। मगर ये बेसिक सैलरी के अधिकतम 1.16 फीसदी होता है।

इस स्थिति में भी मिलेगी पेंशन

पेंशन एक और स्थिति में मिलती है। यदि ईपीएफ सदस्य रिटायरमेंट से पहले किसी कारणवश पूरी तरह से अक्षम हो जाए तो भी वे पेंशन का पात्र होता है। मगर फैमिली पेंशन के लिए 10 साल तक नौकरी किया जाना जरूरी है। यदि 10 साल हुए हों तो ही पेंशन का लाभ मिल सकता है।

जानिए फैमिली पेंशन के नियम

- ईपीएस स्कीम के तहत मेम्बर की मौत हो जाने पर पत्नी/पति को पेंशन दी जाएगी
- कर्मचारी के 2 बच्चों तक को 25 साल की उम्र तक पेंशन दी जाएगी
- कर्मचारी के शादीशुदा न होने की स्थिति में नॉमिनी को पेंशन दी जाएगी
- कोई नॉमिनी न होने पर कर्मचारी के माता-पिता को पेंशन दी जाएगी