Foreign Exchange Reserves : देश का जो विदेशी मुद्रा भंडार है। वो तीसरे हफ्ते में बढ़ा है। रूपये में कम दबाव होने और कम आक्रामक के बीच के मूल्यांकन में मदद मिली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का जो विदेशी मुद्रा भंडार हैं। वो 25 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा भंडार 2.89 अरब डॉलर बढ़ा और यह बढ़कर 550.14 अरब डॉलर हो गया।
आरबीआई की तरफ से जारी की गई। जो सप्ताहित स्टेटिक्स अनुपूरक हैं। उसके मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में जो वृद्धि हुई है। एफसीए में लाभ के लिए जिम्मेदार ठहराया है। जो समग्र भंडार है। उसका एक घटक है। 25 नवंबर को जो समाप्त हुए सप्ताह हैं उसमें विदेशी मुद्रा एसेस्ट जो हैं। वो 3 अरब डॉलर बढ़ गई हैं और यह बढ़कर 487.29 अरब डॉलर हो गई हैं। हालांकि जो स्वर्ण भंडार है वो 7.3 करोड़ डॉलर गिरा है और यह गिरकर 39.94 अरब डॉलर हो गया हैं।
डॉलर के संदर्भ में व्यक्त, एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार के रखे। यूरो, पाउंड और येन जैसी जो गैर अमेरिकी इकाइयां है। उसकी सरहरना में मूलह्रास का प्रभाव होता है। आज रूपये गिरकर 81.3174 प्रति अमेरिकी डॉलर पर आ गया। मगर यह इस हफ्ते 0.5 प्रतिशत बढ़ा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जो है। जेरोम पॉवेल उनकी टिप्पणीयों से उठा। मगर ये अधिक तेज नहीं था। जिस कुछ लोगों ने आशंका जताई थी।
18 नवंबर को जो समाप्त हुआ सप्ताह था। उसमें विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा था और यह बढ़कर 547.25 बिलियन डॉलर हो गया था, जबकि इससे पहले जो सप्ताह था। उसमें ये 14.72 डॉलर यह उछला था, जो अगस्त 2021 के बाद की हैं वो सबसे बड़ी साप्ताहिक छलांग थी।
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