नई द‍िल्‍ली: महामारी के दौरान भारत के लिए एक अच्छी खबर है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले सप्ताह 77.8 करोड़ डॉलर की गिरावट के बाद देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर बड़ा उछाल आया है। इस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था में उम्मीद से भी अधिक तेजी से रिकवरी हो रही है।

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार 18 दिसंबर को खत्म हुए सप्ताह में 2.563 अरब डॉलर बढ़कर 581.131 अरब डॉलर की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले सप्ताह में फॉरेक्‍स रिजर्व 578.568 अरब डॉलर पर था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 18 दिसंबर को खत्म हुए सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में बढ़ोतरी होने के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी दर्ज की गई।

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आपको बता दें कि फॉरेन करेंसी एसेट्स यानी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, फॉरेक्‍स रिजर्व का अहम हिस्सा होती हैं। आरबीआई के वीकली आंकड़ों के मुताबिक, इस समीक्षावधि में एफसीए 1.382 अरब डॉलर बढ़कर 537.727 अरब डॉलर हो गई। आपको बता दें कि एफसीए को अमेरिकी डॉलर में दर्शाया में जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं।

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गोल्ड रिजर्व का मूल्य भी काफी बढ़ा
आरबीआई के आंकड़ों के मुकाबिक, 18 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में देश का गोल्ड रिजर्व का मूल्य 1.008 अरब डॉलर बढ़कर 37.020 अरब डॉलर हो गया। इसके साथ ही भारत को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में मिला स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स 1.2 करोड़ डॉलर बढ़कर साथ 1.515 अरब डॉलर हो गया। इसके अलावा आईएमएफ के पास जमा भारत का करेंसी रिजर्व भी 16 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.870 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

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