नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनियों को इस बजट में भारी छूट की उम्मीद है। इन कंपनियों का कहना है कि उन पर भारी आर्थिक दबाव है, जिससे बचने के लिए उनको यह छूट चाहिए। इन कंपनियों को सरकार से बजट में लाइसेंस फीस कम करना, स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल पर जीएसटी खत्म करना और इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफंड देने की मांग शामिल है।
टेलीकाम कंपनियों का कहना है कि उन पर सबसे ज्यादा टैक्स लगाया गया है। ऐसे में टेलीकॉम इंडस्ट्री को सरकार से बजट में राहत की उम्मीद ज्यादा उम्मीद भी है। टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि वह कुल मिलाकर करीब 58,000 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में देती हैं। कंपनियों का कहना है कि उन पर टैक्स का बोझ ज्यादा है, ऐसे में इस कम किया जाना चाहिए।
ये हैं मांग
टेलीकॉम कंपनियों की सरकार से मांग है कि लाइसेंस फीस 8 फीसदी से घटाकर 5 या 6 फीसदी तक लाया जाए। इसके अलावा एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू 8 फीसदी है, सरकार इसे भी घटाए। इसके अलावा कंपनियां स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज भी 3 फीसदी देती हैं, इसे भी घटाया जाए। कंपनियों का कहना है कि वह इसके अलावा स्पेक्ट्रम अधिग्रहण चार्ज पर अलग से जीएसटी देती हैं। इसे अब हटाया जाना चाहिए। कंपनियां यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड में भी 5 फीसदी कंट्रीब्यूशन देती हैं। टेलीकाम कंपनियों का कहना है कि इसे कम किया जाए।
नई स्कीम का फायदा मिले
टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने मांग की है कि सरकार आत्मनिर्भर भारत के तहत कंपनियों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (पीएलआई) लागू करे। वहीं कोरोना के बाद से वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोगों को टेलीकॉम कंपनियों ने नई लाइफ लाइन दी है। अगर सरकार बजट में इन कंपनियों को राहत देती है तो कंपनियां ज्यादा निवेश कर सकेंगी और सेवाओं का स्तर भी सुधार सकेंगी।
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