नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) आपके लिए कमाई एक शानदार मौका लेकर आ रही है। टीसीएस का बायबैक ऑफर शुक्रवार 18 दिसंबर को खुलने जा रहा है। बायबैक ऑफर में आपको टीसीएस के शेयर सस्ते में खरीदने का मौका मिलेगा। टीसीएस ने अक्टूबर में जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करने के साथ ही बायबैक ऑफर का ऐलान कर दिया था, जबकि नवंबर में इसके शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी थी। टीसीएस अपने बायबैक ऑफर में अपने मौजूदा शेयरधारकों से 5.3 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी। 5.3 करोड़ शेयर इसकी कुल चुकता इक्विटी पूंजी के 1.4 फीसदी के बराबर हैं।
टीसीएस बायबैक ऑफर में 3000 रु प्रति के रेट पर शेयर खरीदेगी। जबकि इस समय कंपनी का शेयर (करीब 2 बजे) 2769 रु के आस-पास है। यदि आप अभी शेयर खरीद लें और बायबैक ऑफर में वापस बेचें तो आपको प्रति शेयर 231 रु का फायदा होगा। यदि आपने 1000 शेयर खरीद लिए तो सीधे-सीधे 231000 रु का फायदा होगा। बायबैक का नियम ये होता है कि जब ऑफर खुले तो आपके पास कंपनी के शेयर होने चाहिए।
टीसीएस बायबैक ऑफर में अधिकतम 16000 करोड़ रु के शेयर खरीदेगी। बायबैक ऑफर 1 जनवरी 2021 को बंद होगा। मालूम हो कि वित्त वर्ष 2020-21 में टीसीएस शेयर बायबैक का ऐलान करने वाली पहली टेक्नोलॉजी कंपनी रही। कंपनी ने आखिरी बार 2018 में शेयर बायबैक किया था। तब भी इसने 16 हजार करोड़ रु के शेयरों का ही बायबैक किया था।
सवाल ये है कि क्या आपको टीसीएस के बायबैक ऑफर में हिस्सा लेना चाहिए या नहीं? एक्सपर्ट्स इस सवाल का जवाब हां में देते हैं। जानकार मानते हैं कि बाकी आईटी कंपनियों की तरह टीसीएस के शेयर में फिलहाल तेज उछाल आने की संभावना नहीं है, क्योंकि मार्च से ये शेयर काफी ऊपर आ चुका है। मार्च के निचले स्तरों से टीसीएस का शेयर करीब 85 फीसदी ऊपर आया है। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स निचले स्तर से 80 फीसदी चढ़ा है। यानी टीसीएस ने सेंसेक्स को भी पीछे छोड़ दिया है।
सेबी के मानदंडों के अनुसार कंपनी में 2 लाख रुपये तक की होल्डिंग वाले छोटे शेयरधारकों का कुल बायबैक में 15 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित होता है। इस तरह छोटे शेयरधारकों के लिए आरक्षित शेयरों की संख्या लगभग 0.8 करोड़ शेयर (5.3% शेयरों की 15%) होगी। 1 जनवरी 2020 को टीसीएस का शेयर 2169 रु पर था, जो आज करीब 2769 रु पर है। यानी इस शेयर ने इस साल प्रति शेयर 600 रु का मुनाफा कराया है।
कोई कंपनी जब अपने ही शेयरधारकों से शेयर वापस खरीदती है तो इसे बायबैक कहा जाता हैं। ये आईपीओ का उलट है, क्योंकि कोई कंपनी आईपीओ में शेयर बेचती है। बायबैक प्रोसेस पूरी होने के बाद इन शेयरों का वजूद खत्म हो जाएगा। बायबैक कई कारणों से होता है। कंपनी की बैलेंस शीट में अतिरिक्त नकदी का होना इसमें बड़ा कारण है। ज्यादा नकदी का होना अच्छा नहीं माना जाता। इससे माना जाता है कि कंपनी अपनी नकदी का उपयोग नहीं कर पा रही है।
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