नई दिल्ली, दिसंबर 13। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए टैक्स बचाने की आखिरी तारीख है 31 मार्च 2022 है। असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए अपनी टैक्स प्लानिंग की प्रोसेस को पूरा करने के लिए आपके पास तीन महीने से थोड़ा अधिक समय है। अगर आपने ऐसा टैक्स बचाने के उपाय नहीं किए हैं तो आपको फौरन इस पर कार्यवाही करनी चाहिए। बहुत से लोग सोचते होंगे कि यदि टैक्स बचाने के उपाय किए भी जाएं तो 1-2 लाख रु पर टैक्स छूट मिल जाएगी। मगर ऐसा नहीं है। यदि आप सही से प्लानिंग करें और बारीकी से हर छूट का फायदा उठाएं तो काफी 10 लाख रु की सैलेरी पर भी जीरो टैक्स देकर बच सकते हैं। जानते हैं कैसे।
यहां हम 60 साल से कम आयु वाले व्यक्ति को 10 लाख रु से अधिक इनकम पर जीरो टैक्स का तरीका बताएंगे। अगर मान लिया जाए कि किसी ऐसे व्यक्ति की हर साल कुल सैलरी 10.50 लाख रु होती है, तो 30 फीसदी वाले टैक्स स्लैब में आएग। अब सबसे पहले तो उसे 50 हजार रु की स्टैंडर्ड छूट मिल जाएगी। 10.50 लाख रु में से 50 हजार रु के बाद बचे 10 लाख रु।
10 लाख रु की सैलेरी पर आप उठा सकते हैं सेक्शन 80 सी का फायदा। आपको इससे 1.5 लाख रुपये तक की बचत होगी। कोई भी ईपीएफ, पीपीएफ, ईएलएसएस, एनएससी में निवेश करके और दो बच्चों की ट्यूशन फीस के तौर पर हर साल 1.5 लाख रु तक खर्च करके इस राशि पर टैक्स छूट ले सकता है। इस तरह 10 लाख रु में से 1.5 लाख रु गए बचे 8.5 लाख रु।
अगली मदद आपको मिलेगी नेशनल पेंशन सिस्टम से। इसमें सेक्शन 80 सी से अलग सेक्शन 80 सीसीडी के तहत 50 हजार रु की छूट मिलती है। यदि आप इसमें हर साल 50000 रु का निवेश करें तो ये पूरी राशि छूट के पात्र होगी। यानी 8.5 लाख रु में से 50 हजार रु और कम हो गए। अब बचे 8 लाख रु। इसमें से कोई भी इनकम टैक्स की धारा 24बी के तहत 2 लाख रु के ब्याज के लिए भी टैक्स छूट पाने का क्लेम कर सकता है। अब 6 लाख रु।
इनकम टैक्स की धारा 80डी के तहत और भी खास छूट मिलती है। ये छूट मिलती है पति-पत्नी या बच्चों और खुद के लिए प्रिवेंटिव हेल्थकेयर चेक-अप पर। इसके साथ हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम सहित आप 25,000 रुपये तक डिडक्शन के लिए क्लेम कर सकते हैं। माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 50,000 रुपये तक की और छूट मिलती है। मगर आपके माता-पिता सीनियर सीटीजन होने जरूरी हैं। 6 लाख रु में से 75000 रु और कम बचे 5.25 लाख रु।
आपने 25,000 रुपये का दान/चंदा देकर इस राशि पर टैक्स छूट ले सकते हैं। मगर ध्यान रहे कि इसका पक्का सबूत होना चाहिए। इसके लिए दस्तावेज रखें। यानी जहां आपने चंदा दिया है उसकी मुहर वाली रसीद लें। बचे 5 लाख रु। इस पर 2.5 फीसदी के हिसाब से 12,500 रु टैक्स होगा। मगर इतनी ही छूट भी उपलब्ध है। इस तरह हुआ शून्य टैक्स।
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