नई दिल्ली। शेयर बाजार में सीधा निवेश काफी रिस्की माना जाता है। आमतौर पर कहा जाता है कि इससे बचने का एक रास्ता है और वह है म्यूचुअल फंड। ज्यादातर जानकार कहते हैं कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के माध्यम से लम्बे समय के लिए निवेश किया जाए, तो अच्छा फायदा होता है। लेकिन अगर किसी ने जानकारों की यह राय मानकर 3 साल पहले टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड में निवेश किया होगा, तो उनको नुकसान हो रहा है। यानी उनका कुल मिलाकर जमा किया हुआ पैसा 3 साल बाद कम हो गया है। ऐसा नहीं है कि यह किसी म्यूचुअल फंड की किसी एक स्कीम के साथ हो, ऐसी ढेर सारी स्कीमें हैं।
हालांकि जानकार इसको कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के बाद आई शेयर बाजार में गिरावट को जिम्मेदार मान रहे हैं। इन जानकारों का कहना है कि अगर किसी ने 3 साल पहले टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश किया हैं, तो वह इस निवेश अभी कैश न कराए। इसको कुछ समय और के लिए छोड़ दे। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है, कि उसका घाटा पूरा हो जाएगा और फायदा भी मिल सकता है।
आइये जानते हैं कौन हैं यह सबसे ज्यादा नुकसान कराने वाली टैक्स सेवर म्यूचुअल फंड की स्कीमें।
मोतीलाल ओसवाल लॉन्ग टर्म इक्विटी रेगुलर म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को पिछले तीन साल में करीब 7.92 फीसद का नुकसान कराया है। अगर किसी निवेशक ने इस स्कीम में सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के तहत 10,000 रुपये महीने जमा किया होगा, तो उसका कुल निवेश 3.6 लाख रुपये होगा। लेकिन अब इसकी वैल्यू 3,19,192 रुपये है। यानी तीन साल बाद भी निवेशक घाटे में है।
टाटा इंडिया टैक्स सेविंग रेगुलर म्यूचुअल फंड ने पिछले तीन साल में निवेशकों को करीब 5.98 फीसद का नुकसान कराया है। अगर किसी निवेशक ने इस स्कीम में सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के तहत 10,000 रुपये महीने का निवेश किया होगा तो उसका कुल निवेश 3.6 लाख रुपये का होगा। वहीं अब इस निवेश की वैल्यू 3,28,888 रुपये रह गई है। यानी निवेशक को 3 साल बाद भी नुकसान हो रहा है।
जेएम टैक्स गेन रेगुलर म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को 3 साल पहले किए गए निवेश पर 5.63 फीसदी का नुकसान कराया है। अगर किसी निवेशक ने इस म्यूचुअल फंड स्कीम में सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के तहत 10,000 रुपये महीना जमा किया होगा, तो उसकी वैल्यू अब 3,30,649 रुपये बची है। यानी निवेश के 3 साल बाद भी नुकसान हो रहा है।
डीएसपी टैक्स सेवर रेगुलर म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को पिछले तीन साल के निवेश पर करीब 4.27 फीसदी का नुकसान कराया है। अगर किसी निवेशक ने इस स्कीम में 3 साल पहले सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के तहत 10 हजार रुपये महीना लगाना शुरू किया होगा तो उसका कुल निवेश 360000 रुपये का हो गया होगा। लेकिन अब इस निवेश की वैल्यू केवल 3,37,617 रुपये बची है। यानी निवेश के 3 साल बाद भी घाटा हो रहा है।
क्वांट टैक्स रेगुलर म्यूचुअल फंड में अगर किसी ने 3 साल पहले निवेश शुरू किया होगा तो उनको इस वक्त 2.76 फीसदी का नुकसान हो रहा है। अगर किसी निवेशक ने इस स्कीम में 3 साल पहले सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के तहत 10 हजार रुपये महीने का निवेश शुरू किया होगा तो उसके निवेश की वैल्यू 360000 रुपये होगी। लेकिन आज इस निवेश की वैल्यू 3,45,402 रुपये बची है। यानी निवेश के 3 साल बाद भी नुकसान हो रहा है।
नोट : म्यूचुअल फंड के यह आंकड़े 12 जून 2020 तक के अपडेट हैं।
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