Income Tax Slabs in Budget 2023 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश करते हुए आयकर को लेकर बड़ी घोषणा की है। इसके बाद न्यू इनकम टैक्स व्यवस्था अपनाने वालों को 7 लाख रुपये तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। अभी तक यह छूट केवल 5 लाख रुपये तक की थी। टैक्स की नई छूट सेक्सर 87A के तहत दी गई है।

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इसके अलावा वित्त मंत्री ने आयकर के स्लैब की संख्या को 7 से घटा कर 5 कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब इनकम टैक्स के स्लैब इस प्रकार होंगे।

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3 लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये की आय पर 5 फीसदी टैक्स
6 लाख रुपये से लेकर 9 लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी टैक्स
9 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये की आय पर 15 फीसदी टैक्स
12 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी टैक्स
इसके अलावा 15 लाख रुपये से ज्यादा की आय पर 30 फीसदी टैक्स

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बजट में वेल्थ टैक्स की शुरुआत

1950 के दशक में वेल्‍थ टैक्‍स की शुरुआत हुई थी। इसी के साथ इनकम टैक्‍स पर अधिकतम टैक्स की दर को पांच आना से घटाकर चार आना कर दिया गया था। 1955-56 के बजट में उस वक्त के वित्त मंत्री देशमुख ने कहा था कि शादीशुदा लोगों के लिए 1,500 रुपये का मौजूदा टैक्‍स एक्‍जेम्‍प्‍ट स्‍लैब बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाता है। वहीं अविवाहितों के लिए इसे घटाकर 1,000 रुपये किया गया। यह काम योजना आयोग की सिफारिशों के आधार पर गिया गया था। इस बजट में 90 लाख रुपये रेवेन्‍यू के नेट लॉस का अनुमान जाहिर जताया गया था।

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कहां से आया है 'बजट' शब्द

बजट शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'बूज' से हुई है। इसका मतलब है चमड़े का थैला। बाउज शब्द बाद में फ्रेंच में बॉगेट बन गया, जिसका अर्थ है चमड़े का ब्रीफकेस। परंपरागत रूप से बजट दस्तावेज संबंधित कागजात इस ब्रीफकेश में लेकर वित्त मंत्री भाषण करने जाते हैं।

जानिए कितने बार बजट और कितने बार अंतरिम बजट पेश हुआ

आजाद भारत में अब तक 74 वार्षिक बजट पेश किए जा चुके हैं। इसके अलावा 14 अंतरिम बजट, 4 विशेष बजट या लघु बजट पेश हुए हैं। वहीं जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने बजट को पेश किया था। इसका कारण यह है कि उन दिनों यह लोग पीएम के साथ वित्त मंत्री भी थे।

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