नयी दिल्ली। सरकार आने वाले बजट में करदाताओं यानी टैक्स भरने वालों के लिए एक खास स्कीम ला सकती है। इस योजना के तहत जिन लोगों ने पिछले 5-6 सालों में अपनी पूरी आमदनी का खुलासा नहीं किया है यानी इनकम छिपाई है तो वे अपनी संशोधित की जानकारी दे सकते हैं। इसके लिए उन पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। इस कदम के पीछे सरकार का उद्देश्य अपने घटते राजस्व को सहारा देने का है। इस योजना से करदाताओं को टैक्स अधिकारियों की नजर में आने के डर के बिना अतिरिक्त आय घोषित करने की अनुमति मिलेगी। एक अनुमान के अनुसार सरकार को इस योजना से 50000 करोड़ रुपये की इनकम हो सकती है। इस योजना से सरकार को डायरेक्ट टैक्स से राजस्व कलेक्शन बढ़ाने और अनुपालन में सुधार करने में मदद मिलेगी।

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बजट 2020 में हो सकता है ऐलान
इस योजना का ऐलान 1 फरवरी को पेश किये जाने वाले बजट में हो सकता है। एक अधिकारी के मुताबिक जो लोग पिछले वर्ष की अधिक आय का खुलासा करना चाहते हैं, वे ऐसा नहीं करते क्योंकि ऐसा करने पर उनके सामने जांच और अभियोजन की समस्या आती है और उन पर जुर्माना भी लगाया जाता है। उनके मुताबिक डायरेक्ट टैक्स पैनल द्वारा की गई सिफारिशों को गंभीरता से लिया जा रहा है। बता दें कि इस प्रस्ताव की सिफारिश करने वाले डायरेक्ट टैक्स टास्कफोर्स का नेतृत्व केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के पूर्व सदस्य अखिलेश रंजन कर रहे हैं।

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मुकदमे कम होने से विभाग को भी फायदा
सरकार की इस योजना का लाभ एक तरफ टैक्स कलेक्शन बढ़ाने में होगा। वहीं दूसरी तरफ आयकर विभाग को भी फायदा मिलेगा। दरअसल इस योजना से मुकदमे कम होंगे। एक अधिकारी के मुताबिक टैक्स पर मुकदमों के मामलों में विभाग को काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं, जबकि कामयाबी सिर्फ 20 फीसदी केसों में ही मिलती है। इस समय ऐसे करीब 5 लाख मुकदमे लटके पड़े हैं, जिनकी कुल देय राशि 7-8 लाख करोड़ रुपये होगी। वहीं पिछले साल अगस्त में टैक्स विवाद मामलों की संख्या में काफी बढ़ोतरी भी देखी गयी थी।

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