नई दिल्ली, सितंबर 08। टाटा ग्रुप की कंपनियां हैं। इनमें से एक है टाटा स्टील। टाटा स्टील भी एक लिस्टेड कंपनी है। अब इसके कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों को बोनस देने का ऐलान किया है। इस साल यह कर्मचारियों को 20 फीसदी बोनस देगी। कंपनी मैनेजमेंट और यूनियन के बीच इस मामले में सहमति है।
उम्मीद जताई जा रही है कि बोनस समझौते पर आज या कल को हस्ताक्षर हो सकते हैं। बता दें कि इस साल बोनस राशि 325-340 करोड़ रु तक हो सकती है। टाटा स्टील इस 20 फीसदी बोनस के साथ साथ कर्मचारियों को एक खास गिफ्ट भी देगी, जो कि 10 हजार रु तक होगा।
टाटा स्टील टाटा नियो का गिफ्ट वाउचर देगी। ये गिफ्ट वाउचर 5 से 10 हजार रु तक हो सकता है। इसे बोनस योग्य राशि 25000 करोड़ रु तक पहुंच सकती है। मालूम हो कि ओल्ड सीरिज में इस साल बोनस की अधिकतम राशि 4 लाख रु होगी। वहीं न्यू सीरिज में यह एक लाख रु से ज्यादा होगी।
पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो टाटा स्टील का शुद्ध मुनाफा 41,749 करोड़ रु रहा। इसमें से 7000 करोड़ रु के करीब का मुनाफा टाटा स्टील अंगुल का है। एक्सेप्शनल पर नजर डालें तो इसमें 7-8 हजार रु के बीच राशि होती है। इससे बोनस योग्य राशि हो जाती है 25 हजार करोड़ रु। इस पर कर्मचारियों को बोनस दिया जाएगा।
इस समय टाटा स्टील के जितने कर्मचारी हैं, उनका कुल बेसिक और डीए लगभग मिला कर 1600 करोड़ रु के आस-पास होता है। ये इस बार 1700 करोड़ रु के आस-पास हो सकता है। 1700 करोड़ रु का 20 फीसदी 340 करोड़ होगा। बता दें कि वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का मुनाफा 9752.13 करोड़ रु और बोनस प्रतिशत 16.56 फीसदी रहा था।
टाटा स्टील लिमिटेड एक भारतीय बहुराष्ट्रीय स्टील बनाने वाली कंपनी है, जो जमशेदपुर, झारखंड में स्थित है और इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है। यह टाटा समूह का हिस्सा है। पहले इसे टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड (टिस्को) के नाम से जाना जाता था। टाटा स्टील 34 मिलियन टन की वार्षिक कच्चे इस्पात क्षमता के साथ दुनिया की टॉप इस्पात उत्पादक कंपनियों में से एक है। समूह (एसईए संचालन को छोड़कर) ने 31 मार्च 2020 को समाप्त वित्तीय वर्ष में 19.7 अरब डॉलर का कारोबार दर्ज किया। यह स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के बाद 13 मिलियन टन की वार्षिक क्षमता के साथ भारत में दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी (घरेलू उत्पादन द्वारा मापा गया) है। टाटा स्टील, सेल और जिंदल स्टील एंड पावर के साथ, केवल 3 भारतीय स्टील कंपनियां हैं जिनके पास कैप्टिव लौह-अयस्क खदानें हैं, जो तीनों कंपनियों को मूल्य लाभ देती हैं। टाटा स्टील भारत, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम में प्रमुख संचालन के साथ 26 देशों में काम करती है, और लगभग 80,500 लोगों को रोजगार देती है। इसका सबसे बड़ा संयंत्र (10 एमटीपीए क्षमता) जमशेदपुर, झारखंड में स्थित है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान