TATA Motors Demerger; NCLT Update: देश के सबसे बड़े कारोबारी ग्रुप में से एक टाटा ग्रुप के ऑटोमोबाइल सेगमेंट टाटा मोटर्स के डीमर्जर को लेकर अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बड़े अपडेट के साथ टाटा मोटर्स के डीमर्जर का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है।

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दरअसल टाटा मोटर्स ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने उसकी समग्र व्यवस्था योजना (Composite Scheme of Arrangement) को मंज़ूरी दे दी है। यानी अब इस योजना के तहत टाटा मोटर्स दो अलग-अलग कंपनियों में विभाजित हो जाएगी और ये दोनों कंपनियां घरेलू स्टॉक एक्सचेंज एनएसई (National Stock Exchange NSE) और बीएसई (Bombay Stock Exchange, BSE) पर लिस्ट होंगी।

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एक्सचेंज को दी गई जानकारी में टाटा मोटर्स ने कहा है कि एनसीएलटी की मुंबई पीठ द्वारा पारित आदेश की प्रमाणित प्रति का फिलहाल इंतज़ार है।

टाटा मोटर्स डीमर्जर (TATA Motors Demerger)

टाटा मोटर्स कमर्शियल यानी वाणिज्यिक और पैसेंज़र व्हीकल (PV) यानी यात्री वाहनों के सेगमेंट में देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। सबसे प्रीमियम पैसेंजर व्हीकल में शामिल जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) का संचालन भी टाटा मोटर्स करती है।

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टाटा कंपनी ने कहा है कि वह अपने ऑटोमोबाइल कारोबार को दो कंपनियों में विभाजित करेगी। टाटा मोटर्स ने पहली बार मार्च 2024 में अपने बिजनेस को डीमर्ज करने का योजना की घोषणा की थी और उसी वर्ष अगस्त में बोर्ड द्वारा इसे मंजूरी दी गई थी।

बंटवारे के बाद डीमर्जर के बाद दोनों कंपनियों में से एक का नाम टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV या अमल्गैमेटिंग कंपनी) और दूसरे का नाम टीएमएल कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड (TMLCV) होगा। मौजूदा कंपनी यानी टाटा मोटर्स के अंतर्गत उसके यात्री वाहन (PV) और जगुआर लैंड रोवर (JLR) का कारोबार होगा जबकि डीमर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी में कमर्शियल व्हीकल का कारोबार होगा।

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एनसीएलटी ने अपने आदेश में क्या कहा?

एनसीएलटी ने 25 अगस्त को अपने आदेश में कहा, "राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण, मुंबई पीठ ने 25 अगस्त, 2025 को एक आदेश पारित किया है, जिसमें कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230-232 और अधिनियम के अन्य लागू प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत टाटा मोटर्स लिमिटेड, टीएमएल कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमएलसीवी) और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवी) और उनके संबंधित शेयरधारकों के बीच व्यवस्था की समग्र योजना को मंज़ूरी दी गई है।"

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टाटा मोटर्स डीमर्जर कब से होगा प्रभावी?

टाटा मोटर्स ने अगस्त में ही कहा था कि कंपनी का डीमर्जर 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी होगा। एक एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स ने कहा कि डीमर्जर या स्पिन-ऑफ वर्तमान उद्धरण (वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही) में पूरा हो जाएगा। फाइलिंग में कंपनी ने कहा था कि उनका लक्ष्य इसी तिमाही में इसे पूरा करना है और डीमर्जर की प्रभावी तिथि 1 अक्टूबर, 2025 होगी।

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एक्सचेंज में कंपनी कब होगी लिस्ट?

टाटा मोटर्स की 80वीं एजीएम यानी वार्षिक आम बैठक में इसी साल 20 जून को को कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा था कि टाटा मोटर्स के डीमर्जर की प्रक्रिया अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और दोनों कंपनियों के वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही) में स्टॉक एक्सचेंज पर अलग-अलग लिस्ट होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा था कि पहले पीवी कंपनी लिस्ट होगी और फिर कुछ महीने बाद सीवी कंपनी लिस्ट होगी और यह अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के आसपास होगा। हालांकि कंपनी ने लिस्टिंग डेट को लेकर कहा है कि उचित समय पर तारीख की घोषणा की जाएगी।

टाटा मोटर्स डीमर्जर रेशियो

टाटा मोटर्स के डीमर्जर का रेशियो 1:1 होगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि किसी निवेशक के पास अभी टाटा मोटर्स के 100 शेयर्स हैं और वह डीमर्जर को लेकर तय रिकॉर्ड डेट तक होल्ड करता है तो डीमर्जर के बाद बनने वाली दोनों कंपनियों में 100-100 मिलेंगे। यानी आपके पास दोनों कंपनियों कुल मिलाकर 200 शेयर हो जाएंगे। फिलहाल, शेयरधारकों की पात्रता तय करने के लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट तय नहीं की है।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]