Tata Capital IPO: टाटा कैपिटल अक्टूबर के पहले हाल्फ में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने पर विचार कर रही है, जिससे संभावित रूप से 17,000 करोड़ रुपये तक की राशि जुटाई जा सकती है। बाजार मूल्य के हिसाब से भारत के सबसे बड़े समूह का यह दो साल में पहला IPO होगा। इस इश्यू में लगभग 21 करोड़ शेयरों की नई बिक्री के साथ-साथ 26.58 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) भी शामिल होगी, जिससे कुल शेयर 47.58 करोड़ शेयरों तक पहुंच जाएंगे।

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टाटा संस 2.3 करोड़ शेयर बेचे जाने की उम्मीद है, जबकि इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) आईपीओ के OFS हिस्से में 3.58 करोड़ शेयर बेच सकता है।मौजूदा समय में, टाटा कैपिटल में टाटा संस की 88.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसमें IFC की 1.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शेयर बाजार में लिस्ट करने के लिए समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद टाटा कैपिटल अक्टूबर में आईपीओ पेश कर सकती है। बता दें कि इससे पहले, इस गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को शेयर बाजारों में लिस्ट होने के लिए 30 सितंबर की समय-सीमा दी गई थी।

दूसरा सबसे बड़ा IPO

कंपनी अपने पहले पब्लिक इश्यू के जरिए 18 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 2 अरब डॉलर जुटाने की उम्मीद कर रही है। यह अप्रैल में टाटा कैपिटल द्वारा गोपनीय IPO डॉक्यूमेंट दाखिल किए जाने के समय निर्धारित 11 अरब डॉलर के मूल्यांकन से काफी ज्यादा है। टाटा कैपिटल का यह निर्गम अक्टूबर 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर (27,870 करोड़ रुपये) के आईपीओ के बाद देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

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अगस्त में दाखिल किए गए अपडेट ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, इस IPO में 21 करोड़ इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और 26.58 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा, जिससे कुल 47.58 करोड़ शेयर होंगे। इस नए इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग टियर-I पूंजी बढ़ाने और लोन बढ़ोतरी को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।

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अगर यह सफल रहा, तो यह IPO भारत के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा। नवंबर 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज के डिब्यू के बाद, यह हाल के वर्षों में टाटा समूह की दूसरी सार्वजनिक सूची भी होगी।