नयी दिल्ली। साल 2020 पूंजी बाजार के लिए चुनौतियों भरा रहा। इसका मुख्य कारण है कोरोना संकट के बीच अस्थिरता का बरकरार रहना। हालांकि महासंकट के बावजूद शेयर बाजार फिर से पटरी पर लौट आया। मार्च में चार साल के निचले स्तर को छूने के बाद इक्विटी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं सोने और डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स ने भी जोरदार रिटर्न दिया। मगर फिर भी कई निवेशक, लंबी अवधि के लिए पैसा लगाने वालों को छोड़ कर, बाजार में देखी गई अस्थिरता के कारण बड़े नुकसान में हैं। हम वर्ष 2021 का स्वागत करने के लिए तैयार हैं, इसलिए यहां आपके लिए हम कुछ स्मार्ट टिप्स लेकर आए हैं जो अगले साल आपको अमीर बना सकते हैं। इन टिप्स से आप पैसों की तरफ से टेंशन फ्री हो जाएंगे।
बीएसई सेंसेक्स 48,000 अंक के करीब पहुंच गया है और वैल्यूएशन काफी अधिक हैं। हालांकि कंपनियों और अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल्स में भी सुधार हो रहा है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंडों में थोड़ा-बहुत मुनाफा निकाल लेना चाहिए ताकि आप निकट भविष्य में बाजार में गिरावट आने पर निचले स्तरों पर फिर से नई खरीदारी कर सकें। किसी वित्तीय वर्ष में इक्विटी में 1 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ टैक्स फ्री होता है। इसलिए इस टैक्स अधिनियम का लाभ उठाएं।
छोटे और मिडकैप शेयरों ने 2020 में लार्जकैप शेयरों की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है। मगर इन्होंने 2018 और 2019 में खराब रिटर्न के कारण तीन साल की अवधि में लार्ज कैप शेयरों के मुकाबले कम रिटर्न दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निकट भविष्य में लार्ज कैप वाले शेयरों की तुलना में मिड और स्मॉल कैप शेयरों में ज्यादा बढ़त की गुंजाइश है।
इस साल ब्याज दरें रिकॉर्ड निचले स्तरों पर पहुंच गईं इसलिए 2020 डेब्ट फंड्स के लिए सबसे अच्छे सालों में से एक रहा। ब्याज दरें निचले स्तरों पर रह सकती हैं। बॉन्ड फंड की यील्ड टू मैच्योरिटी भी घटी है। ऐसे में डेब्ट फंड के बेहतर रिटर्न देने की संभावना कम है। इसलिए लंबी अवधि या गिल्ट फंड्स में अपने डेट फंड पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करें और मुनाफा निकाल लें। हालांकि छोटी अवधि के बॉन्ड फंड में निवेशकों को तब तक निवेश बरकरार रखना चाहिए जब तक वे तीन साल पूरे न लें। इससे आप पूंजीगत लाभ पर इंडेक्सेशन का लाभ उठा सकेंगें और आपकी टैक्स देनदारी कम होगी।
जानकारों के मुताबिक अगर आप मेट्रो शहर में सिंगल रहते हैं तो आपके पास कम से कम 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर होना चाहिए। चार लोगों के परिवार के पास 10-12 लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर हेल्थ प्लान होना चाहिए। वैकल्पिक रूप से आप 3-5 लाख रुपये के छोटे बेस कवर और 20 लाख रुपये के बड़े टॉप-अप प्लान खरीदने पर भी विचार कर सकते हैं।
इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। टर्म इंश्योरेंस खरीदते समय अपनी देनदारियों और भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं पर विचार करना चाहिए ताकि आप जरूरी टर्म इंश्योरेंस की वास्तविक मूल्य (Actual Value) का पता चल सके। सबसे अच्छा नियम ये है कि आपको अपनी मौजूदा वार्षिक आय का 10-12 गुना टर्म कवर लेना चाहिए।
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