Swiggy ने लिस्टिंग के पहले दिन ही निवेशकों को तगड़ा मुनाफा करा दिया है. शेयर सुबह प्रीमियम पर लिस्टिंग के बाद और चढ़ा. कमजोर बाजार में भी शेयर करीब 11 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ. यह इश्यू प्राइस के मुकाबले बीएसई पर करीब 17 फीसदी ऊपर बंद हुआ.
शेयर एक्सचेंज पर 455.95 रुपए के भाव पर बंद हुआ है, जबकि इश्यू प्राइस 390 रुपए रहा. स्टॉक की लिस्टिंग 412 रुपए के भाव पर हुई थी. इस लिहाज से हर स्टॉक पर निवेशकों को करीब 66 रुपए का प्रॉफिट हुआ है. स्विगी में पैसा लगाने वाले निवेशकों को एक लॉट 38 शेयर मिले. इस लिहाज से हर लॉट में निवेशकों को करीब 2500 रुपए का प्रॉफिट हुआ है.
स्विगी का प्रीमियम पर लिस्टिंग
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी का शेयर बुधवार को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुआ. एनएसई पर स्टॉक 7.69 फीसदी के प्रीमियम पर 420 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ. बीएसई पर स्विगी का शेयर 5.64 फीसदी के प्रीमियम पर 412 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ इससे पहले आईपीओ अंतिम दिन 3.59 गुना भरकर बंद हुआ था. बता दें कि यह ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर की दूसरी कंपनी है जो मार्केट में लिस्ट हुई है. इससे पहले जोमैटो की लिस्टिंग हुई थी.
स्विगी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपए के पार
लिस्टिंग के बाद स्विगी के शेयर में जोरदार तेजी दर्ज की जा रही है. तेजी के चलते का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया है. बीएसई पर स्विगी का कुल मार्केट कैप 1.02 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया है. शेयर ने इंट्राडे में 465.30 रुपए तक पहुंचा. हालांकि, लिस्टिंग के लिहाज से यह जोमैटो को पीछे रह गया है. क्योंकि स्विगी का शेयर करीब 8 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ, जबकि जोमैटो का शेयर 52 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था.
स्विगी आईपीओ की डीटेल
- 6 से 8 नवंबर तक खुला
- इश्यू प्राइस: 390 रुपए प्रति शेयर
- लॉट साइज: 38 शेयर
- आईपीओ साइज: 11327 करोड़ रुपए
स्विगी आईपीओ को मिला था ठीकठाक रिस्पांस
स्विगी लिमिटेड ने 11,327 करोड़ रुपए जुटाने के लिए आईपीओ लॉन्च किया. यह 6 नवंबर से खुलकर 8 नवंबर को बंद हो गया. इसे निवेशकों से ठीकठाक रिस्पांस मिला. क्योंकि अंतिम दिन 3.59 गुना भरकर बंद हुआ, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्युशन बायर्स यानी QIBs का हिस्सा 6 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ. रिटेल और कर्मचारियों का हिस्सा भी 1 से डेढ़ गुना भरकर बंद हुआ.
आईपीओ में 500 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए गए. वहीं, ऑफर फॉर सेल यानी OFS में प्रोमोटर्स और मौजूदा निवेशक हिस्सा बिक्री की, जिसमें 18.52 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री हुई. ओएफएस के जरिए करीब 6,666 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है. बताते चलें कि कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास 26 सितंबर को आईपीओ के लिए अप्लाई किए थे.
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