Swiggy: फूड डिलीवरी इंडस्ट्री में इस समय कॉम्प्टीशन काफी तेज है। ग्राहकों तक समय पर खाना पहुंचाने के साथ-साथ कंपनियां लगातार अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत बनाने में लगी हुई हैं। इसी बीच, देश की बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी (Swiggy) ने प्लेटफॉर्म चार्ज बढ़ाने का फैसला लिया है। अब यूजर्स को हर ऑर्डर पर 15 रुपए का और अधिक चार्ज देना होगा। इसमें GST पहले से शामिल है।
पहले 12 रुपए, अब 15 रुपए
स्विगी पहले हर ऑर्डर पर 12 रुपए ले रहा था। लेकिन अब इस चार्ज को बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह बदलाव खासतौर पर उन इलाकों में ज्यादा दिखेगा, जहां फूड डिलीवरी की मांग तेजी से बढ़ रही है।
जोमैटो भी पीछे नहीं
त्योहारी सीजन की शुरुआत को देखते हुए, जोमैटो (Zomato) ने भी हाल ही में प्लेटफॉर्म चार्ज बढ़ाया था। कंपनी ने इसे 10 रुपए से बढ़ाकर 12 रुपए कर दिया। फर्क सिर्फ इतना है कि स्विगी का चार्ज GST समेत है, जबकि जोमैटो में GST अलग से लिया जाता है।
दरअसल, अप्रैल 2023 में स्विगी ने पहली बार प्लेटफॉर्म चार्ज 2 रुपए रखा था। इसके बाद धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 12 रुपए किया गया और अब फिर से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया गया है।
कंपनी को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म लगातार बढ़ते खर्च और तेज कॉम्प्टीशन से जूझ रहे हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म चार्ज को बढ़ाना उनके लिए यूनिट इकोनॉमिक्स सुधारने का तरीका है।
औसतन स्विगी पर एक ऑर्डर की कीमत 500-600 रुपए तक होती है। ऐसे में 15 रुपए का चार्ज ग्राहक को बहुत बड़ा नहीं लगता। लेकिन लाखों ऑर्डर्स को मिलाकर देखें तो यह कंपनी के राजस्व में बड़ा योगदान दे सकता है।
स्विगी का बढ़ता घाटा
स्विगी के लिए यह कदम ऐसे समय पर आया है जब कंपनी भारी नुकसान झेल रही है। अप्रैल-जून 2025 की तिमाही में स्विगी का शुद्ध घाटा 1,197 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग दोगुना है। कंपनी की मुश्किलें उसकी इंस्टामार्ट ग्रॉसरी सर्विस में किए गए भारी निवेश की वजह से बढ़ी हैं।
रेवन्यू बढ़ा लेकिन खर्च भी ज्यादा
हालांकि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू इस तिमाही में 54% की बढ़त के साथ 4,961 करोड़ रुपए तक पहुंचा। लेकिन कंपनी ने जितना कमाया, उससे कहीं ज्यादा पैसा खर्च कर दिया। नतीजा यह रहा कि स्विगी का कैश आउटफ्लो 1,053 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।
ग्राहकों पर असर कितना?
अगर ग्राहक के तौर पर देखा जाए तो 500-1000 रुपए के ऑर्डर पर 15 रुपए का चार्ज ज्यादा तो नहीं है। लेकिन इस तरह से लगातार इजाफा होना चिंताजनक हो सकता है। वहीं, कंपनियों के लिए यह कदम लंबे समय में बिजनेस को टिकाऊ और प्रॉफिटेबल बनाने का जरिया साबित हो सकता है।
त्योहारी सीजन में जहां डिमांड बढ़ रही है, वहीं स्विगी और जोमैटो दोनों कंपनियां अतिरिक्त आय के लिए प्लेटफॉर्म चार्ज बढ़ाने की राह पर हैं। ग्राहकों को यह बदलाव छोटा लग सकता है, लेकिन कंपनियों के लिए यह रणनीति आने वाले समय में उनके बिजनेस मॉडल को संतुलित करने में मदद करेगी।
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