देश की प्रमुख पवन ऊर्जा कंपनी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) को टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी (Tata Power Renewable energy) से एक और बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को 400 मेगावाट का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) ऑर्डर प्राप्त हुआ है, जिसके साथ ही टाटा पावर और सुजलॉन के बीच कुल साझेदारी 1 गीगावाट से अधिक हो गई है। यह सौदा रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इससे सुजलॉन के ऑर्डर बुक को भी मजबूती मिली है।

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कंपनी की ओर से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक, यह ऑर्डर सुजलॉन (Suzlon) के नए डेवलपमेंट कंपनी बिजनेस मॉडल के तहत मिला है। खास बात यह है कि यह टाटा पावर से मिला चौथा ऑर्डर है, जबकि पिछले 12 महीनों के दौरान यह दूसरा रिपीट ऑर्डर है। इससे दोनों कंपनियों के बीच बढ़ते भरोसे और मजबूत कारोबारी संबंधों का पता चलता है।

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प्रत्येक टर्बाइन की क्षमता 3.15 मेगावाट-

इस प्रोजेक्ट के तहत आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में विंड एनर्जी (Wind Energy) प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा। सुजलॉन यहां अपने अत्याधुनिक S144 विंड टर्बाइन जनरेटर की 127 यूनिट्स की आपूर्ति करेगी। प्रत्येक टर्बाइन की क्षमता 3.15 मेगावाट होगी। इसके अलावा कंपनी को जमीन अधिग्रहण, टर्बाइन सप्लाई, बैलेंस ऑफ प्लांट (BoP), पूलिंग सबस्टेशन, एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन, कमीशनिंग और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस सेवाओं की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी।

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कुल स्थापित क्षमता 1.8 गीगावाट-

कंपनी के अनुसार, इस नए ऑर्डर के बाद अनंतपुर क्षेत्र में उसका ऑर्डर बुक करीब 1 गीगावाट तक पहुंच गया है। वहीं आंध्र प्रदेश में सुजलॉन की कुल स्थापित क्षमता 1.8 गीगावाट हो चुकी है, जो दक्षिण भारत में कंपनी की कुल स्थापित क्षमता का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा है। हालांकि इतने बड़े ऑर्डर के बावजूद शेयर बाजार में सुजलॉन एनर्जी के शेयर दबाव में नजर आए। BSE पर कंपनी का शेयर करीब 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57.46 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। यह लगातार तीसरा कारोबारी दिन था जब शेयर लाल निशान में रहा।

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शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव-

अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 16 जुलाई 2025 को सुजलॉन का शेयर 68.30 रुपये के अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर था। इसके बाद लगातार बिकवाली के दबाव में यह करीब 44 प्रतिशत टूटकर 9 मार्च 2026 को 38.17 रुपये के एक साल के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद शेयर में रिकवरी देखने को मिली है और अब यह करीब 57 रुपये के आस-पास ट्रेड करता नदजर आ रहा है।

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कंपनी के ऑर्डर पर निवेशकों की नजर-

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ते निवेश और मजबूत ऑर्डर बुक के चलते सुजलॉन एनर्जी लंबे समय में निवेशकों की नजर में बना रह सकता है। अब निवेशकों की निगाह इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस बड़े ऑर्डर को किस तरह समय पर पूरा करती है और आने वाले समय में अपने कारोबार को कितना विस्तार दे पाती है।

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[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]