Suzlon Energy के शेयरों में 5% से ज्यादा की जोरदार तेजी देखने को मिली है, जिसका मुख्य कारण केंद्रीय रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रह्लाद जोशी का बड़ा बयान और सरकार की नई विंड एनर्जी नीति को माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत के पास पुरानी विंड टर्बाइनों का एक बड़ा बेड़ा मौजूद है, जिन्हें आधुनिक और अधिक क्षमता वाली मशीनों से बदला जा सकता है। उनका कहना था कि नई तकनीक वाली टर्बाइनों के जरिए उन्हीं स्थानों से पहले की तुलना में अधिक बिजली पैदा की जा सकती है। इस बयान के बाद बाजार में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को लेकर सकारात्मक माहौल बन गया, जिससे Suzlon के शेयरों में तेजी आई।
उन्होंने विंड इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (WIPPA) और इंडियन विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IWTMA) को निर्देश दिया है कि वे 30 दिनों के भीतर देशभर में मौजूद पुरानी और कम क्षमता वाली विंड टर्बाइनों का विस्तृत आकलन तैयार करें। यह कदम भारत में विंड एनर्जी सेक्टर के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्लोबल विंड डे के मौके पर गोवा में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मजबूत लोकलाइजेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और बढ़ती ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस के साथ भारत की विंड एनर्जी यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब विंड एनर्जी वैल्यू चेन में एक मजबूत खिलाड़ी बन चुका है, जिसमें नेसेल, ब्लेड, टावर और गियरबॉक्स जैसे कंपोनेंट्स शामिल हैं।
इस मौके पर उन्होंने WT-MARUT पोर्टल भी लॉन्च किया, जो विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स की एंड-टू-एंड ट्रैकिंग में मदद करेगा। यह पोर्टल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से लेकर प्रोजेक्ट साइट तक पूरी सप्लाई चेन में ट्रेसेबिलिटी, पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगा।
इसी कार्यक्रम में Suzlon Energy ने भी जानकारी दी कि कर्नाटक के विजयनगर में मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कंपनी के नए विंड टरबाइन पावरहाउस S175 (5 MW) का अनावरण किया। कंपनी के अनुसार, यह टरबाइन 175-मीटर रोटर, 160-मीटर हाइब्रिड लैटिस टॉवर और 247.5-मीटर ब्लेड टिप हाइट जैसी उन्नत तकनीक से लैस है, जो कम हवा वाले क्षेत्रों में भी अधिक बिजली उत्पादन करने में सक्षम है।
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