Success Story : हाल ही में मानवता ने यह महसूस किया है। कि अगर महिला सशक्तिकरण नहीं होता है, तो फिर समाज का विकास असंभव है। बेहद बड़े पैमाने पर इस जागरूकता ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बहुत सारे अभियानों को आगे बढ़ाया है और कई सारे परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है। इसी श्रृंखला में प्राकृतिक सैलून की एक श्रृंखला हैं। यह भी एक बेहद शानदार बिजनेस मॉडल के साथ महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण में जरूरी भूमिका निभा रहा है।

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पत्नी में साथ मिलकर शुरू किया बिजनेस

सीके कुमारवेल एक व्यवसायी फैमिली से है। वे नेचुरल्स सैलून चेन के सह-संस्थापक और सीईओ है। वे काफी कम आयु के थे जब उनके पिताजी गुजर गए थे। सीके कुमारवेल ने कम उम्र से ही अपने बच्चों की परवरिश के लिए अपनी माँ के संघर्ष को देखा। वह न केवल अपनी माँ से प्रेरित थी, बल्कि महिलाओं की प्रतिभा और क्षमताओं के प्रति एक विशेष दृष्टिकोण भी विकसित किया। अपनी युवा अवस्था तक कुमारवेल अपने भाइयों के साथ पालन-पोषण का बिजनेस चला रहे थे, लेकिन जब उनकी शादी हो गई थी। उसके बाद उन्होंने कुछ करने का विचार बनाया। कुमारवेल ने साल 2000 में अपने पत्नी वीना कुमारवेल के साथ मिलकर एक बिजनेस को शुरू करने का निर्णय लिया।

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प्राकृतिक सैलून ब्रांड शुरू किया

उन्होंने बिजनेस के बारे में काफी रिसर्च की और फिर उन्होंने काफी विचार करने के बाद उनकी पत्नी ने उन्हे सैलून का बिजनेस करने के बारे में कहा। दोनों ने बेहतर गुणवत्ता वाले सुविधाओं के साथ काफी किफायती दर पर अपना प्राकृतिक ब्रांड शुरू किया। उस वक्त बेहतर गुणवत्तापूर्ण सैलून सर्विस औसत व्यक्ति की पहुंच से काफी बाहर थीं, क्योंकि इस प्रकार की जो सेवाएं थी। केवल फाइव स्टार होटल में सिर्फ उपलब्ध थी। हालांकि उनको ब्यूटी सैलून के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी, लेकिन यह जो क्षेत्र था। इसमें उन्होंने अपना सफलता की नींव रखी।

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पूरे भारत में लगभग 680 से ज्यादा शाखाएं हैं

नेचुरल्स सैलून के पूरे भारत में लगभग 680 से ज्यादा शाखाएं हैं। उनके लिए इन शाखाओ का विस्तार करना इतना आसान नहीं था। अपने बिजनेस के शुरू के जो 6 वर्ष थे उन्होंने घाटे को कम करने में बिताए। कुमारवेल ने अपने सैलून श्रृंखला को विस्तार करने के लिए कई सारे बैंकों से संपर्क किया था। लेकिन उन्होंने यह बात बोलते हुए मना कर दिया था। कि सैलून का बिजनेस बेहद कुशल नहीं था हालांकि, सैलून उद्योग पर भरोसा न करने के बावजूद भी एक बैंकर ने पुनर्भुगतान के लिए उन पर विश्वास किया और उनको लोन भी दिया। उन्होंने 6 वर्षों तक लगातार कठोर मेहनत की। इसके बाद उन्होंने कुल 6 शाखाएँ खोली और चेन्नई में सबसे बड़ी सैलून श्रृंखला बन गई।

400 से अधिक महिला उद्यमी नैचुरल सैलून के बैनर तले काम करती हैं

लगभग 2 दशकों के मेहनत के बाद उनका बिजनेस विकास और परिवर्तन के मामले में एक महान स्थान हासिल किया है। आज के समय में नैचुरल सैलून की 680 से अधिक शाखाएँ हैं। इतना ही नहीं 10 हजार से अधिक कर्मचारी और 400 से अधिक महिला उद्यमी नैचुरल सैलून के बैनर तले काम करती हैं, यह जो है देश की सबसे बड़ी सैलून श्रृंखला बन गई है।