Success Story: आपने कई ऐसे लोगों के बारे में सुना होगा, जिन्होंने कड़ी मेहनत करके कुछ ही समय में बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया। उसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसी शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने घर की रसोई से खाने का बिजनेस शुरू किया। हम बात कर रहे हैं मुंबई की रहने वाली गीता पाटिल के बारे में जिन्होंने घर से करोड़ों का बिजनेस शुरू कर दिया।
हालांकि, उन्होंने इस बिजनेस को खड़ा करने में बहुत मेहनत की है ये उनके लिए किसी कठिन समय से कम नहीं था, कई बार कारोबार में उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा लेकिन गीता पाटिल ने कभी भी हिम्मत नहीं हारी। आज गीता पाटिल ने अपने कारोबार को बहुत बुलंदियों पर पहुंचा दिया जिस वजह से लोग उन्हे जानने लगे हैं। चलिए हम आपको बताते हैं उन्होंने कैसे इस कारोबार की शुरुआत की थी।
ऐसे शुरू की टिफिन सुविधा
गीता पाटिल मुंबई के रहने वाली है, उनकी मां अपने घर से ही 20 लोगों के टिफिन सुविधा देती थी। हालांकि, गीता पाटिल अपनी मां को खाना बनाते हुए देखती थी और उन्हे भी खाना बनाने का शौक था, उन्होंने अपनी मां से खाना बनाने की सारी चीजें सिख ली थी।
गीता पाटिल के पिता बीएमसी में काम किया करते थे। गीता पाटिल की शादी के बाद वर्ष 2016 में उनके पति की नौकरी चली गई थी। उसके बाद से गीता ने टिफिन सर्विस शुरू करने का फैसला लिया उन्होंने अपनी मां की तरह इस बिजनेस की शुरुआत करी। गीता पाटिल महाराष्ट्रीयन व्यंजन बनाने में माहिर हैं जैसे पूरनपोली, चकली, पोहा और मोदक शामिल हैं।
महज 5000 रुपए में शुरू किया कारोबार
गीता ने इस कारोबार की शुरुआत सिर्फ और सिर्फ 5000 रुपए में की थी, उसके बाद ये टिफिन सर्विस लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आने लगी समय के हिसाब से धीरे धीरे उन्होंने इस काम को बढ़ाना शुरू कर दिया था। हालांकि, बदलते समय के मुताबिक आज गीता की टिफिन सर्विस से 3000 ग्राहक से ज्यादा जुड़े हुए हैं।
कोरोना के दौरान बिजनेस में आया बड़ा उतार चढ़ाव
साल 2020 में कोरोना आने के बाद सारी दुनिया एक बार ठप सी पड़ गई थी, उस समय गीता का बिजनेस भी बिल्कुल बंद हो गया था। लेकिन ऐसे समय पर गीता के 20 साल के बेटे ने अपनी मां को आइडिया दिया की हम ऑनलाइन भी कारोबार चला सकते हैं। गीता ने अपने बेटे की मदद से लॉकडाउन में गीता ने "पाटिल काकी" नाम से अपना ऑनलाइन ब्रांड शुरू किया।
गीता पाटील का ऑनलाइन बिजनेस शुरू करने से उनका ये कारोबार कमियाबी की सीढ़ियां छूता चला गया। गीता के बेटे विनीत पाटिल ने अपनी मां के बिजनेस की ब्रांडिंग और मार्केटिंग काफी अच्छे तरीके से करवाई। धीरे धीरे उन्होंने अपने इस काम में कई टीम भी रखी हुई हैं, जिससे कई लोगों को रोजगार का भी मिला है। गीता के इस बिजनेस को शार्क टैंक इंडिया से 40 लाख रुपए का निवेश भी मिला। आज पाटिल काकी का सालाना का टर्नओवर 3 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
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