Success Story: आज कल आपने कई सारे लोगों की सफलता की कहानी सुनी होगी, लेकिन आज हम आपको ऐसी शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने कामियाब करियर को छोड़ते हुए, बिजनेस सेक्टर में उतर गए और कुछ ही समय में कामियाबी हासिल भी कर ली।

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जंगल कैंप्स इंडिया संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर गजेंद्र सिंह राठौड़ पहले पेशे से CA थे, लेकिन बाद में उन्होंने कारोबार में अपना कदम रखा। कुछ ही समय के अंदर उन्होंने एक बड़ी कंपनी खड़ी कर दी है। चली हम आपको बताते हैं, उन्होंने कैसे इस कारोबार की शुरुआत की थी।

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यहां के रहने वाले हैं गजेंद्र सिंह राठौड़

गजेंद्र सिंह राठौड़ राजस्थान के चुरू जिले के कोटवाद गांव के रहने वाले हैं, साल 1968 में उनका जन्म इसी गांव में हुआ था। गजेंद्र ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने गांव में रखकर ही करी है. उसके बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए चुरू आ गए। साल 1988 में गजेंद्र ने लोहिया कॉलेज से बीकॉम की डिग्री प्राप्त की उसके बाद वे और पढ़ाई करने के लिए राजस्थान छोड़कर दिल्ली आ गए, यहां आकार उन्होंने CA की पढ़ाई शुरू की। गजेंद्र ने अपनी मेहनत से CA क्लियर कर दिया और साल 1933 में उन्होंने अभ्यास शुरू कर दिया था।

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इस कारण शुरू किया ये बिजनेस

गजेंद्र को बचपन से ही जंगल से काफी ज्यादा लगाव था, जिसको लेकर वो हमेशा खोजबीन में लगे रहते थे। गजेंद्र भरतपुर के हेरिटेज होटल सरिस्का पैलेस में अक्सर आया जाया करते थे, एक दिन उन्हे अपना क्लाइंट मिला, जिसके बाद ही उन्होंने साल 2002 में जंगल कैंप्स इंडिया लिमिटेड की शुरुआत की। गजेंद्र ने साल 1995 में अपनी शादी की थी।

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आपको बता दें, गजेंद्र ने साल 2005-06 में पहली प्रॉपर्टी पेंच टाइगर रिजर्व में शुरू की। हालांकि, इससे पहले जंगल कैंप्स इंडिया लिमिटेड की शुरुआत कर चुके थे। पेंच टाइगर रिजर्व में उन्होंने कई सारे लक्जरी सफारी टेंट शुरू किए, डीलक्स सफारी कॉटेज खोले। वहीं ली कट्टा डाइनिंग हॉल, जीप सफारी और स्पा शुरू किया।

गजेंद्र का बिजनेस यहीं से बढ़ता चला गया और धीरे धीरे कामियाब भी हो गया। कंपनी के इस समय 5 प्रॉपर्टी में 87 कमरे हैं। ध्यान दिला दें, कंपनी का एसएमई आईपीओ के माध्यम से 29.42 करोड़ इक्कठा करना है। जंगल कैम्प्स इंडिया लिमिटेड आईपीओ 10 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। आज गजेंद्र की कंपनी एक बड़े पायदान पर खड़ी है, इस कंपनी से जुडने वाले हजारों लोगों को भी फायदा मिल रहा है।