नई दिल्ली, मई 23। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2022 के लिए दुनिया भर से अमीर और शक्तिशाली लोग इकट्ठा हुए। इसमें ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने कहा कि कोविड-19 महामारी में हर 30 घंटे में एक नया अरबपति बना। जबकि लगभग दस लाख लोग इस साल हर 33 घंटे में भयंकर गरीबी में पहुंचे। दावोस में 'प्रोफिटिंग फ्रॉम पेन' शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी करते हुए, इस समूह ने आगे कहा कि आवश्यक वस्तुओं की लागत दशकों की तुलना में तेजी से बढ़ी है। इसलिए फूड और ऊर्जा क्षेत्रों में अरबपति हर दो दिन में एक अरब डॉलर तक अपनी सपत्ति बढ़ा रहे हैं। डब्ल्यूईएफ, जो खुद को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बताती है, दो साल से अधिक के अंतराल के बाद दावोस में अपनी वार्षिक बैठक की मेजबानी कर रही है।
अरबपति अपनी दौलत में अविश्वसनीय उछाल का जश्न मनाने के लिए दावोस पहुंच रहे हैं। महामारी और अब फूड और ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि उनके लिए एक वरदान रहा है। ऑक्सफैम इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक गैब्रिएला बुचर ने कहा कि अत्यधिक गरीबी बढ़ रही है और लाखों लोग केवल जीवित रहने की लागत में असंभव वृद्धि का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट से पता चला है कि महामारी के दौरान हर 30 घंटे में एक की दर से 573 लोग नए अरबपति बने। ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने इस साल उम्मीद जताई है कि हर 33 घंटे में एक मिलियन लोगों की दर से 263 मिलियन और लोग अत्यधिक गरीबी में पहुंच जाएंगे।
कोविड-19 के पहले 24 महीनों के दौरान अरबपतियों की संपत्ति में कुल मिलाकर बीते 23 वर्षों की तुलना में अधिक वृद्धि हुई है। दुनिया के अरबपतियों की कुल संपत्ति अब वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 13.9 प्रतिशत के बराबर है, जो 2000 में 4.4 प्रतिशत से तीन गुना वृद्धि को दर्शाती है। जानकार कहते हैं कि अरबपतियों की दौलत इसलिए नहीं बढ़ी है क्योंकि वे अब होशियार हैं या कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पांच सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनियां - बीपी, शेल, टोटल एनर्जीज, एक्सॉन और शेवरॉन - एक साथ हर सेकंड 2,600 अमेरिकी डॉलर का लाभ कमा रही हैं, और अब 62 नए फूड अरबपति हैं।
श्रीलंका से लेकर सूडान तक, रिकॉर्ड-उच्च वैश्विक खाद्य कीमतें सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल को जन्म दे रही हैं, जबकि कम आय वाले 60 प्रतिशत देश कर्ज संकट के कगार पर हैं। आगे कहा गया है कि 2,668 अरबपति - 2020 की तुलना में 573 अधिक - 12.7 ट्रिलियन डॉलर के मालिक हैं, जो 3.78 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि है। जबकि दुनिया के दस सबसे अमीर व्यक्ति मानवता के निचले 40 प्रतिशत या 3.1 बिलियन लोगों की तुलना में अधिक धन के मालिक हैं। सबसे अमीर 20 अरबपति उप-सहारा अफ्रीका के पूरी जीडीपी से अधिक के मालिक हैं। महामारी ने 40 नए फार्मा अरबपति बनाए हैं। मॉडर्ना और फाइजर जैसी फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन कोविड-19 वैक्सीन के अपने एकाधिकार के चलते हर सेकंड 1,000 डॉलर का लाभ कमा रही हैं।
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