Stock Market Prediction: शेयर बाजार में आज 6 जून को तेज एक्शन दर्ज किया गया. बाजार के प्रमुख इंडेक्स 1-1% से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए. बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन खरीदारी हुई. सेंसेक्स 746 अंकों की बढ़त के साथ 82188 पर बंद हुए हैं. निफ्टी भी 252 अंकों की मजबूती के साथ 25003 पर पहुंच गया. बाजार में रिजर्व बैंक की MPC मीटिंग के बाद जोश दिखा, क्योंकि सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की. साथ ही कैश रिजर्व रेश्यो यानी CRR में भी 1 फीसदी की कटौती की है. इसके चलते रियल्टी, बैंकिंग, ऑटो समेत फाइनेंशियल सेक्टर में खरीदारी हुई.

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निफ्टी फिर 25000 के पार

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड यानी MOFSL के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि निफ्टी ने एक बार फिर 25000 का स्तर टच किया. इंडेक्स 1% से ज्यादा उछलकर बंद हुआ. क्योंकि RBI MPC ने डबल धमाका किया और मार्केट के लिए लिक्विडिटी का बूस्टर डोज दिया. पहले तो 50 बेसिस पॉइंट्स का रेट कट किया. फिर स्टांस को बदलकर न्यूट्रल कर दिया, जोकि पहले अकोमोडेटिव था. साथ ही 4 फेज में CRR को 100 बेसिस पॉइंट्स घटाने की बात कही. ताकी सिस्टम में लिक्विडिटी डाला जा सके.

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मानसून से जुड़े सेक्टर पर नजर

उन्होंने कहा कि RBI के ऐलान के बाद बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स में गजब की तेजी दर्ज की गई. नतीजनत, बैंक निफ्टी एक फीसदी की मजबूती के साथ पहली बार 56693 तक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज ने 26921 का लेवल टच किया. इस दौरान निफ्टी रियल्टी इंडेक्स जोरदार खरीदारी के चलते 4 फीसदी की तगड़ी तेजी दर्ज की गई, जिस पर रेट कट का असर दिखा. इसके अलावा आगे मानसून से जुड़े सेक्टर जैसे एग्रो-केमिकल्स, रूरल फाइनेंस और टू-व्हीकर्स भी फोकस में रहने वाले हैं.

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इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर

सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि मानसून से जुड़े सेक्टर फोकस में इसलिए रहने वाले हैं, क्योकि 2025 में मानसून औसत से ऊपर रहने का अनुमान है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार में ऊपर की तरफ मूवमेंट देखने को मिल सकता है. इसे उम्मीद से ज्यादा रेट कट से बने पॉजिटिव सेंटीमेंट का सहारा मिलेगा. वहीं, यूएस और भारत के बीच पहले फेज का ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी सहारा मिल सकता है. हालांकि. ग्लोबल रिस्क बरकरार रहेगा, जिसमें अमेरिकी टैरिफ में बिना किसी उम्मीद के बदलाव और मौजूदा जियो-पॉलिटिकल टेंशन शामिल है. इससे बाजार में उतार चढ़ाव बरकरार रह सकता है. उन्होंने आगे कहा कि बाजार की उतार-चढ़ाव में सेक्टोरल एक्शन जारी रह सकता है. खासकर रेट सेंसिटिव सेक्टर्स जैसे बैंकिंग, फाइनेंशियल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर सरप्राइज लिक्विटी बूस्ट से फोकस में रह सकते हैं.