शेयर बाजार में केंद्रीय बजट से पहले तगड़ा एक्शन देखने को मिल रहा. बाजार के प्रमुख इंडेक्स ऑल टाइम हाई पर ट्रेड कर रहे. पहली बार सेंसेक्स 79000 और निफ्टी 24000 के रिकॉर्ड लेवल को पार किए. घरेलू बाजारों में लौटी रैली को विदेशी निवेश का मजबूत सपोर्ट मिल रहा. जून महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जमकर खरीदारी की. जून महीने में FIIs ने 26500 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी की. केंद्र में मोदी सरकारी एक बार फिर से वापसी का भी बाजार को सपोर्ट मिल रहा.

Advertisement

FIIs ने जमकर की खरीदारी

डिपॉजिटरीज आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने भारतीय बाजारों में जून महीने में जमकर खरीदारी की. इसके तहत 26565 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की है. इससे पहले संस्थागत निवेशकों ने लगातार दो महीने जमकर बिकवाली की थी. इस दौरान घरेलू निवेशकों ने भी जमकर खरीदारी की. पिछले हफ्ते शेयर बाजार ने ऑल टाइम हाई टच किया. पहली बार सेंसेक्स ने 79671 और निफ्टी ने 24174 का रिकॉर्ड स्तर दर्ज किया है. बता दें कि जून के महीने में दोनों इंडेक्स ने 6.5 फीसदी की उछाल दर्ज किया है.

Advertisement

शेयर बाजार में जोरदार तेजी की वजह

शेयर बाजार के जानकारों के मुताबिक मार्केट को मोदी सरकार के सत्ता में वापसी से सपोर्ट मिल रहा. मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़ों के बेहतर अनुमान से घरेलू बाजार को सपोर्ट मिल रहा. इसमें सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP के आंकड़े और अच्छे कॉरपोरेट अर्निंग के अनुमान शामिल हैं. इन्हीं कारणों से भारतीय शेयर बाजारों को लेकर विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. इसके अलावा डेट मार्केट को लेकर पॉजिटिव अपडेट है.

Advertisement

डेट मार्केट में बड़ा निवेश आने वाला है. भारत के सरकारी बॉन्ड, जेपी मॉर्गेन बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने वाले हैं. दरअसल, घरेलू बॉन्ड्स को निवेशकों को पहले से बड़ा मार्केट मिलेगा. इससे सरकार के लिए कर्ज की लागत और इंडस्ट्री के लिए कैपिटल की लागत घटेगी. एनलिस्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों यानी FIIs की नजर बजट पर रहेगी, क्योंकि इससे सरकार की नीतियों की दिशा को लेकर संकेत मिलेंगे.

Advertisement

बाजार को लेकर क्या है अनुमान?

शेयर बाजार में जुलाई सीरीज की शुरुआत हो गई है. घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि निफ्टी लगातार पॉजिटिव ट्रेजेक्ट्री में रहने वाला है. इससे पहले जून में बैंकिंग, ऑटो, मेटल, रियल्टी और IT सेक्टर में मैक्सिमम बाइंग इंटरेस्ट दिखा. India VIX में जून सीरीज के दौरान 41.48% की गिरावट दर्ज की गई.