Share Market Crash Today: शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 870 अंक के करीब फिसलकर 81,186 पर बंद हुआ और निफ्टी 260 अंक के पास गिरकर 24,685 के करीब पर क्लोज हुआ। निफ्टी मिडकैप में 1.62% की गिरावट और निफ्टी स्मॉलकैप 0.94% लुढ़क गया। भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट कुछ खास वजहों से देखने को मिली है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने की बिकवाली
शेयर बाजार में सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के द्वारा 525.95 करोड़ रुपये की निकासी की गई। Geojit Investments Ltd के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने बताया है कि "अमेरिका की फिस्कल स्टेबिलटी को लेकर अनिश्चितता और किसी बड़े पॉजिटिव ट्रिगर न होने के चलते निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं और सतर्क रुख अपनाया है। बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि भागीदार भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते पर अधिक स्पष्टता का भी इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, प्रीमियम वैल्यूएशन्स और ट्रेड डील में देरी को देखते हुए हमें शॉर्ट-टर्म कंसॉलिडेशन का एक चरण दिखाई दे रहा है, जिससे एफआईआई अपनी घरेलू बाजार हिस्सेदारी घटा सकते हैं।
यूएस द्वारा टैरिफ बढ़ाने की संभावना
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में व्यापारिक साझेदार देशों पर टैरिफ बढ़ाने की संभावना के बारे में चेतावनी दी थी। मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया गया, तो इससे ग्लोबल ट्रेड में तनाव बढ़ सकता है और ग्लोबल मंदी की आशंका फिर से सामने आ सकती है।
जापान बॉन्ड यील्ड में गिरावट
जापान के 30 और 40 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई, जिससे देश की वित्तीय स्थिति (फिस्कल हेल्थ) को लेकर चिंता गहरा गई है। एक कमजोर बॉन्ड ऑक्शन के बाद वहां की यील्ड बढ़कर 3.6% तक पहुंच गई, जिसे विशेषज्ञ निवेशकों के लिए खतरे की घंटी मान रहे हैं।
कोविड की नई लहर आने का डर
हांगकांग और सिंगापुर में कोविड-19 मामलों में फिर से सामने आए हैं। ऐसे में निवेशक अब सतर्क हो गए है। भारत में भी मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। 12 मई से अब तक 100 से भी अधिक नए केस सामने आए हैं। फिलहाल, देश में कुल एक्टिव केस की संख्या 200 के करीब हो गई है। सबसे ज्यादा मामले केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से रिपोर्ट हुए हैं। अगर कोविड के मामलों में जारी रहा तो बाजारों पर इसका असर दिख सकता है, खासकर अगर फिर से शहरों में पाबंदियों या अलर्ट लागू किए गए।
इसके अलावा रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अमेरिका की सॉवरेन डेट को लेकर अपना आउटलुक घटा दिया है। मूडीज ने लॉन्गटर्म फिस्कल डिस्प्लिन से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए अमेरिका के सॉवरेन डेट को लेकर अपना आउटलुक घटा दिया है।
इन सेक्टर्स में आई भारी गिरावट
निफ्टी ऑटो में आज 2.17% कि गिरावट देखने को मिली। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेस और निफ्टी एफएमसीजी में 1.32% तक लुढ़क गए। फार्मा सेक्टर में 1.31% की गिरावट देखी गई और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.41% की गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी के टॉप लूजर्स में आज Eternal, Bajaj Auto शामिल रहे हैं। इनके शेयर्स 4.07-3.55% तक लुढ़क गए। वहीं, निफ्टी टॉप गेनर्स में कोल इंडिया और ओएनजीसी के शेयर्स शामिल रहे हैं। इनके शेयर्स 1.42%-1.26% उछल गए।
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