Stock Market Crash Reason: दुनियाभर बाजारों में उथल-पुथल का माहौल है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ ने ट्रेड वॉर की आशंकाओं को बढ़ा दिया है. इससे निवेशक शेयरों से दूर हो रहे हैं. नतीजतन, दुनिया भर में जियो-पॉलिटिकल टेंशन और आर्थिक अनिश्चितता पैदा हो गई है. एशियाई बाजारों में 10% तक की गिरावट देखने को मिल रही. इधर GIFT निफ्टी इंडेक्स सुबह करीब 900 अंक या 3.6% ज्यादा टूटकर 22,100 के लेवल पर आ गया. वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में भी भारी गिरावट देखी गई.
एशियाई शेयर बाजार धड़ाम
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है. जापान के निक्केई में 7.8% और दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क में 4.6% की गिरावट आई है. हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स और ताइवान के बेंचमार्क दोनों में 10% तक टूट गए. बता दें कि टैरिफ ऐलानों की वजह से बाजार पर दबाव है.
भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली के संकेत
ग्लोबल ट्रेंड्स को देखते हुए घरेलू इंडेक्स निफ्टी 50 और सेंसेक्स 7 अप्रैल को गैप-डाउन शुरुआत कर सकते हैं. ट्रेड वॉर और इकोनॉमिक रिसेशन की बढ़ती आशंकाओं के बीच निवेशक सेफ असेट्स की ओर जा रहे हैं. बीते हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 2.5%से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली थी. इसमें निफ्टी 23 हजार के अहम लेवल से नीचे 22,904 पर बंद हुआ था.
ब्रॉडर मार्केट इंडेक्स को भी बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 में 2% की गिरावट आई जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.6% की गिरावट आई. सेक्टोरल की बात करें तो IT को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जिसमें अमेरिकी बाजार में खर्च में कमी की चिंताओं की वजह से 9% की गिरावट आई. ट्रेड टेंशन से कारोबार में दिक्कत की चिंताओं के बीच निफ्टी मेटल में 7.5% की गिरावट आई.
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि यूएस टैरिफ के अलावा बाजार का फोकस RBI की MPC मीटिंग पर है, जिसका निर्णय 9 अप्रैल को आएगा. साथ ही 10 अप्रैल को TCS के नतीजों के साथ कॉर्पोरेट अर्निंग की भी शुरुआत हो जाएगा. उन्होंने कहा कि भारतीय बाजारों में हमें उतार-चढ़ाव बरकरार रहने की उम्मीद है. साथ ही सेक्टर स्पेसिफिक एक्शन भी देखने को मिल सकता है. रिजर्व बैंक का ब्याज दरों पर फैसला, चौथी तिमाही के नतीजों समेत ग्लोबल मार्केट से मिल रहे संकेतों पर नजर रहेगी.
बाजार में गिरावट पर ट्रंप का रिएक्शन
पिछले हफ्ते अकेले अमेरिकी शेयरों में लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर वैल्यू का भारी नुकसान हुआ. इसके बावजूद प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बाजार को लेकर कोई चिंता नहीं जाहिर की हुई, बल्कि उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि कुछ भी नीचे जाए. लेकिन कभी-कभी आपको कुछ ठीक करने के लिए दवा लेनी पड़ती है.
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